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वेद पथ

ॐ जय जगदीश हरे

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परिचय

“ॐ जय जगदीश हरे” हिन्दू धर्म की सबसे लोकप्रिय आरती है। इसकी रचना पंडित श्रद्धाराम शर्मा ने 1870 में की थी। यह आरती भगवान विष्णु को समर्पित है और प्रत्येक सांध्य पूजा में गाई जाती है।

यह आरती भारत के लगभग हर हिन्दू घर में सायंकालीन पूजा के समय गाई जाती है। इसकी सरल भाषा और मधुर धुन इसे सभी आयु वर्ग के लोगों में लोकप्रिय बनाती है।

आरती का महत्व

  • सांध्य पूजा की प्रमुख आरती
  • भगवान विष्णु (जगदीश) को समर्पित
  • सभी संकटों से मुक्ति की प्रार्थना
  • भक्ति और समर्पण का भाव प्रकट करती है

आरती करने की विधि

  1. सांध्यकाल में पूजा स्थल पर दीपक जलाएँ
  2. धूप-अगरबत्ती लगाएँ
  3. आरती की थाली में दीपक, फूल, अक्षत रखें
  4. खड़े होकर या बैठकर आरती गाएँ
  5. आरती की थाली को देवमूर्ति के सामने गोलाकार घुमाएँ
  6. आरती के बाद प्रसाद वितरित करें

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