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वेद पथ

कार्तिकेय अष्टोत्तर शतनामावली

श्री कार्तिकेय

समीक्षाधीन

परिचय

भगवान कार्तिकेय (मुरुगन/स्कन्द) के 108 पवित्र नामों का संकलन। कार्तिकेय भगवान शिव और पार्वती के पुत्र, देवसेनापति और ज्ञान तथा शौर्य के देवता हैं। प्रत्येक नाम उनके एक विशेष गुण, शक्ति या लीला का बोध कराता है।

महत्त्व

कार्तिकेय अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ कौमार परम्परा में अत्यन्त महत्वपूर्ण है। दक्षिण भारत में मुरुगन के रूप में और उत्तर भारत में कार्तिकेय/स्कन्द के रूप में इनकी विशेष उपासना होती है। यह पाठ शत्रु-भय निवारण, विद्या प्राप्ति और आत्मबल वृद्धि में विशेष फलदायी है।

कब पढ़ें

मंगलवार, षष्ठी तिथि (विशेषकर स्कन्द षष्ठी), कार्तिक मास, थाईपूसम, वैशाख शुक्ल षष्ठी, या किसी भी कार्तिकेय पूजा के अवसर पर। प्रातःकाल या सन्ध्या काल में पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।

लाभ

  • शत्रु-भय और विघ्नों का निवारण
  • विद्या, बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति
  • साहस, शौर्य और आत्मविश्वास की वृद्धि
  • मांगलिक दोष एवं ग्रह पीड़ा का शमन
उच्चारण मार्गदर्शन: प्रत्येक नाम 'ॐ' से आरम्भ होता है और 'नमः' से समाप्त होता है। नाम चतुर्थी विभक्ति (दात्यर्थक) में हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: नामों का क्रम और उच्चारण सम्प्रदाय, क्षेत्र और पारिवारिक परम्परा के अनुसार भिन्न हो सकता है। दक्षिण भारतीय और उत्तर भारतीय परम्पराओं में नामों में अन्तर मिल सकता है। कृपया अपने गुरु या कुल परम्परा का अनुसरण करें।
पाठ और क्रम सम्प्रदाय अनुसार भिन्न हो सकते हैं; कृपया अपने गुरु, पारिवारिक परम्परा या मन्दिर की परम्परा का अनुसरण करें।

108 नाम

प्रदर्शन:
# मंत्र अर्थ
1
ॐ कार्तिकेयाय नमः
Kārtikēyāya
कृत्तिकाओं के पुत्र
2
ॐ स्कन्दाय नमः
Skandāya
आक्रमण करने वाले, छलांग लगाने वाले
3
ॐ सुब्रह्मण्याय नमः
Subrahmaṇyāya
शुभ ब्रह्मस्वरूप
4
ॐ षण्मुखाय नमः
Ṣaṇmukhāya
छह मुखों वाले
5
ॐ कुमाराय नमः
Kumārāya
दिव्य कुमार
6
ॐ गुहाय नमः
Guhāya
गुप्त, रहस्यमय
7
ॐ सेनानये नमः
Sēnānayē
सेना के नायक
8
ॐ देवसेनापतये नमः
Dēvasēnāpatayē
देवताओं की सेना के सेनापति
9
ॐ शक्तिधराय नमः
Śaktidharāya
शक्ति (भाला) धारण करने वाले
10
ॐ मयूरवाहनाय नमः
Mayūravāhanāya
मयूर (मोर) वाहन वाले
11
ॐ शिवपुत्राय नमः
Śivaputrāya
शिव के पुत्र
12
ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः
Pārvatīnandanāya
पार्वती के नन्दन (पुत्र)
13
ॐ तारकारये नमः
Tārakārayē
तारकासुर के शत्रु
14
ॐ महासेनाय नमः
Mahāsēnāya
महान सेनापति
15
ॐ शरजन्मने नमः
Śarajanmanē
शरवण (सरकण्डों) में जन्मे
16
ॐ गाङ्गेयाय नमः
Gāṅgēyāya
गंगा के पुत्र
17
ॐ अग्निभुवे नमः
Agnibhuvē
अग्नि से उत्पन्न
18
ॐ वल्लीवल्लभाय नमः
Vallīvallabhāya
वल्ली के प्रियतम
19
ॐ देवसेनापतये नमः
Dēvasēnāpatayē
देवसेना के पति
20
ॐ वेलाय नमः
Vēlāya
वेल (दिव्य भाला) धारी
21
ॐ बालाय नमः
Bālāya
दिव्य बालक
22
ॐ बालग्रहाय नमः
Bālagrahāya
बालकों के रक्षक
23
ॐ शिखिवाहनाय नमः
Śikhivāhanāya
शिखी (मयूर) वाहन वाले
24
ॐ द्वादशभुजाय नमः
Dvādaśabhujāya
बारह भुजाओं वाले
25
ॐ द्वादशनेत्राय नमः
Dvādaśanētrāya
बारह नेत्रों वाले
26
ॐ क्रौञ्चदारणाय नमः
Krauñcadāraṇāya
क्रौञ्च पर्वत को विदीर्ण करने वाले
27
ॐ शूरसेनाय नमः
Śūrasēnāya
शूर सेना वाले
28
ॐ शूरपद्मासुरसूदनाय नमः
Śūrapadmāsurasūdanāya
शूरपद्मासुर का वध करने वाले
29
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
Brahmacāriṇē
ब्रह्मचर्य व्रत धारी
30
ॐ विश्वरूपिणे नमः
Viśvarūpiṇē
विश्व स्वरूप
31
ॐ वीरबाहवे नमः
Vīrabāhavē
वीर भुजाओं वाले
32
ॐ भद्रमूर्तये नमः
Bhadramūrtayē
मंगलमय मूर्ति
33
ॐ स्कन्दाय नमः
Skandāya
शत्रुओं पर आक्रमण करने वाले
34
ॐ गणनाथाय नमः
Gaṇanāthāya
गणों के नाथ
35
ॐ शरवणभवाय नमः
Śaravaṇabhavāya
शरवण में उत्पन्न
36
ॐ षड्वक्त्राय नमः
Ṣaḍvaktrāya
छह मुखों वाले
37
ॐ ज्ञानदाय नमः
Jñānadāya
ज्ञान प्रदान करने वाले
38
ॐ ज्ञानशक्तिधराय नमः
Jñānaśaktidharāya
ज्ञान शक्ति धारण करने वाले
39
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
Bhaktavatsalāya
भक्तों पर कृपालु
40
ॐ महाबलाय नमः
Mahābalāya
महान बलशाली
41
ॐ शूराय नमः
Śūrāya
शूरवीर
42
ॐ कृपालवे नमः
Kṛpālavē
कृपालु, दयावान
43
ॐ तेजस्विने नमः
Tējasvine
तेजस्वी
44
ॐ प्रभवे नमः
Prabhavē
उत्पत्ति का स्थान, स्रोत
45
ॐ वेदवेद्याय नमः
Vēdavēdyāya
वेदों द्वारा जानने योग्य
46
ॐ विशाखाय नमः
Viśākhāya
विविध शाखाओं वाले
47
ॐ नैगमेयाय नमः
Naigamēyāya
वेद सम्बन्धी, निगम से उत्पन्न
48
ॐ अमरप्रभवे नमः
Amaraprabhavē
देवताओं के प्रभु
49
ॐ शक्तिपाणये नमः
Śaktipāṇayē
हाथ में शक्ति (भाला) धारण करने वाले
50
ॐ विशालाक्षाय नमः
Viśālākṣāya
विशाल नेत्रों वाले
51
ॐ जयन्ताय नमः
Jayantāya
विजयी
52
ॐ विजयिने नमः
Vijayinē
विजय प्राप्त करने वाले
53
ॐ धनुर्धराय नमः
Dhanurdharāya
धनुष धारण करने वाले
54
ॐ वीरव्रताय नमः
Vīravratāya
वीरता के व्रत वाले
55
ॐ माणवकाय नमः
Māṇavakāya
विद्यार्थी, ब्रह्मचारी बालक
56
ॐ परमेश्वराय नमः
Paramēśvarāya
सर्वोच्च ईश्वर
57
ॐ कृत्तिकासूनवे नमः
Kṛttikāsūnavē
कृत्तिकाओं के पुत्र
58
ॐ अग्निजन्मने नमः
Agnijanmanē
अग्नि से जन्मे
59
ॐ गणेशानुजाय नमः
Gaṇēśānujāya
गणेश के अनुज (छोटे भाई)
60
ॐ प्रज्ञामृतभोजनाय नमः
Prajñāmṛtabhōjanāya
प्रज्ञा रूपी अमृत का भोजन करने वाले
61
ॐ रुद्रप्रियाय नमः
Rudrapriyāya
रुद्र (शिव) के प्रिय
62
ॐ उमासुताय नमः
Umāsutāya
उमा (पार्वती) के पुत्र
63
ॐ अमोघाय नमः
Amōghāya
जो कभी निष्फल न हों
64
ॐ अनघाय नमः
Anaghāya
पापरहित
65
ॐ शान्ताय नमः
Śāntāya
शान्त स्वरूप
66
ॐ दान्ताय नमः
Dāntāya
इन्द्रिय-संयमी
67
ॐ अपराजिताय नमः
Aparājitāya
अपराजित, कभी न हारने वाले
68
ॐ केयूरधारिणे नमः
Kēyūradhāriṇē
केयूर (बाजूबन्द) धारण करने वाले
69
ॐ कुण्डलधारिणे नमः
Kuṇḍaladhāriṇē
कुण्डल (कर्णाभरण) धारण करने वाले
70
ॐ किरीटभूषणाय नमः
Kirīṭabhūṣaṇāya
मुकुट से अलंकृत
71
ॐ दण्डायुधधराय नमः
Daṇḍāyudhadharāya
दण्ड आयुध धारण करने वाले
72
ॐ देवाय नमः
Dēvāya
देदीप्यमान देव
73
ॐ सर्वज्ञाय नमः
Sarvajñāya
सब कुछ जानने वाले
74
ॐ कामरूपिणे नमः
Kāmarūpiṇē
इच्छानुसार रूप धारण करने वाले
75
ॐ कामदाय नमः
Kāmadāya
इच्छाओं को पूर्ण करने वाले
76
ॐ कामहराय नमः
Kāmaharāya
कामनाओं को नष्ट करने वाले
77
ॐ सर्वलोकप्रियाय नमः
Sarvalōkapriyāya
सभी लोकों को प्रिय
78
ॐ तत्त्वज्ञाय नमः
Tattvajñāya
तत्त्व को जानने वाले
79
ॐ वरदाय नमः
Varadāya
वर (वरदान) देने वाले
80
ॐ वरप्रदाय नमः
Varapradāya
वरदान प्रदान करने वाले
81
ॐ प्रसन्नात्मने नमः
Prasannātmanē
प्रसन्न आत्मा वाले
82
ॐ कल्याणाय नमः
Kalyāṇāya
कल्याणकारी, मंगलमय
83
ॐ अव्ययाय नमः
Avyayāya
अविनाशी
84
ॐ अमराय नमः
Amarāya
अमर, मृत्युरहित
85
ॐ परब्रह्मणे नमः
Parabrahmaṇē
परब्रह्म स्वरूप
86
ॐ योगिने नमः
Yōginē
योगी, योग में स्थित
87
ॐ ज्ञानगम्याय नमः
Jñānagamyāya
ज्ञान से प्राप्त होने वाले
88
ॐ सनातनाय नमः
Sanātanāya
सनातन, शाश्वत
89
ॐ लोकगुरवे नमः
Lōkaguravē
लोक के गुरु
90
ॐ ब्रह्मज्ञानिने नमः
Brahmajñāninē
ब्रह्म को जानने वाले
91
ॐ स्वामिनाथाय नमः
Svāmināthāya
स्वामियों के नाथ
92
ॐ रणशूराय नमः
Raṇaśūrāya
रणभूमि के वीर
93
ॐ मुनिसेव्याय नमः
Munisēvyāya
मुनियों द्वारा सेवित
94
ॐ सिद्धसेव्याय नमः
Siddhasēvyāya
सिद्धों द्वारा सेवित
95
ॐ देवेन्द्रवन्द्याय नमः
Dēvēndravandyāya
इन्द्र द्वारा वन्दित
96
ॐ मङ्गलप्रदाय नमः
Maṅgalapradāya
मंगल प्रदान करने वाले
97
ॐ ज्योतिर्मयाय नमः
Jyōtirmayāya
ज्योति से परिपूर्ण
98
ॐ शिवसुताय नमः
Śivasutāya
शिव के सुत (पुत्र)
99
ॐ मातृभूताय नमः
Mātṛbhūtāya
दिव्य माताओं द्वारा पालित
100
ॐ कान्तिमते नमः
Kāntimatē
कान्ति (आभा) से युक्त
101
ॐ अमृतपाय नमः
Amṛtapāya
अमृत पान करने वाले
102
ॐ सर्वशक्तिमते नमः
Sarvaśaktimatē
सम्पूर्ण शक्तियों से सम्पन्न
103
ॐ प्रणवस्वरूपिणे नमः
Praṇavasvarūpiṇē
प्रणव (ॐ) स्वरूप
104
ॐ वेदगर्भाय नमः
Vēdagarbhāya
वेदों को गर्भ में धारण करने वाले
105
ॐ भोगीन्द्रभूषणाय नमः
Bhōgīndrabhūṣaṇāya
सर्पराज को आभूषण रूप में धारण करने वाले
106
ॐ सर्वेश्वराय नमः
Sarvēśvarāya
सबके ईश्वर
107
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
Sarvasiddhipradāya
सम्पूर्ण सिद्धियों को देने वाले
108
ॐ सुब्रह्मण्याय नमः
Subrahmaṇyāya
शुभ ब्रह्मस्वरूप, परम मंगलमय

पूजा विधि

1

Sankalpa (Intention)

(संकल्प)

दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, तिथि और पूजा का संकल्प लें।

2

Dhyanam (Meditation)

(ध्यानम्)

आँखें बंद करके षण्मुख, द्वादशभुज, मयूर वाहन पर विराजमान, शक्ति भाला धारण किए हुए भगवान कार्तिकेय का ध्यान करें।

षडाननं कुङ्कुमरक्तवर्णं महामतिं दिव्यमयूरवाहनम्

Shadananam kunkumaraktavarnam mahamatim divyamayuravahanam

3

Avahana (Invocation)

(आवाहनम्)

हाथ जोड़कर पुष्प अर्पित करते हुए भगवान कार्तिकेय का आवाहन करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। आवाहयामि।

4

Asana (Seat)

(आसनम्)

देवता को आसन (पुष्प/अक्षत) अर्पित करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। आसनं समर्पयामि।

Materials: akshataflowers
5

Padya (Foot Wash)

(पाद्यम्)

देवता के चरण धोने के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। पाद्यं समर्पयामि।

Materials: water
6

Arghya (Offering)

(अर्घ्यम्)

दोनों हाथों से कुमकुम और अक्षत मिश्रित जल का अर्घ्य दें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। अर्घ्यं समर्पयामि।

Materials: waterkumkumakshata
7

Achamaniya (Sipping Water)

(आचमनीयम्)

आचमन के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। आचमनीयं समर्पयामि।

Materials: water
8

Snana (Bathing)

(स्नानम्)

कार्तिकेय प्रतिमा को जल या पंचामृत से स्नान कराएं।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। स्नानं समर्पयामि।

Materials: watermilkcurdhoneyghee
9

Vastra (Clothing)

(वस्त्रम्)

वस्त्र अर्पित करें, लाल या पीले वस्त्र विशेष रूप से अर्पित करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। वस्त्रं समर्पयामि।

Materials: cloth
10

Yajnopavita (Sacred Thread)

(यज्ञोपवीतम्) Optional

यज्ञोपवीत (जनेऊ) अर्पित करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। यज्ञोपवीतं समर्पयामि।

Materials: sacred thread
11

Gandha (Sandalwood Paste)

(गन्धम्)

चन्दन या कुमकुम का लेप लगाएं।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। गन्धं समर्पयामि।

Materials: sandalwood pastekumkum
12

Akshata (Unbroken Rice)

(अक्षताः)

अक्षत (साबूत चावल) अर्पित करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। अक्षतान् समर्पयामि।

Materials: unbroken rice grains
13

Pushpa (Flowers)

(पुष्पम्)

पुष्प अर्पित करें, विशेषकर लाल पुष्प और उशीर (वेटिवर) अर्पित करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। पुष्पं समर्पयामि।

Materials: flowersred flowers
14

Dhupa (Incense)

(धूपम्)

अगरबत्ती या धूप जलाकर देवता के सम्मुख करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। धूपं आघ्रापयामि।

Materials: incense sticks
15

Deepa (Lamp)

(दीपम्)

घी या तेल का दीपक जलाकर देवता के सम्मुख करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। दीपं दर्शयामि।

Materials: lampghee or oil
16

Naivedya (Food Offering)

(नैवेद्यम्)

फल, मिठाई या भोजन का नैवेद्य अर्पित करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। नैवेद्यं समर्पयामि।

Materials: fruitssweetswater
17

Tambula (Betel Leaf)

(ताम्बूलम्) Optional

पान और सुपारी अर्पित करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। ताम्बूलं समर्पयामि।

Materials: betel leavesbetel nut
18

Dakshina (Offering)

(दक्षिणा) Optional

दक्षिणा स्वरूप सिक्का या अर्पण रखें।

19

108 Names Chanting

(नामार्चना)

भगवान कार्तिकेय के 108 नामों का जप करें, प्रत्येक नाम के साथ एक पुष्प या अक्षत अर्पित करें।

ॐ कार्तिकेयाय नमः, ॐ स्कन्दाय नमः...

Materials: 108 flowers or akshata grains
This is the main archana. Keep count using a mala or by counting flowers.
20

Concluding Prayer

(प्रार्थना)

अंत में प्रार्थना करें और देवता का आशीर्वाद माँगें।

21

Aarti

(आरती)

दीपक से आरती करें।

Materials: aarti lamp
22

Pradakshina and Namaskara

(प्रदक्षिणा / नमस्कार)

देवता की परिक्रमा करें और साष्टांग नमस्कार करें।

23

Kshama Prarthana (Apology)

(क्षमा प्रार्थना)

पूजा में हुई किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वर। यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे॥

Mantraheenam kriyaheenam bhaktiheenam Sureshwara, yat pujitam maya deva paripurnam tadastu me.

24

Visarjana (Send-off)

(विसर्जनम्) Optional

देवता से विदाई की प्रार्थना करें, साथ ही हृदय में सदा विराजमान रहने की प्रार्थना करें।

ॐ श्री कार्तिकेयाय नमः। यथास्थानं प्रतिष्ठापयामि।

स्रोत: स्कन्द पुराण एवं अन्य कौमार ग्रन्थों से संकलित। विभिन्न स्रोतों में नामों के क्रम में अन्तर हो सकता है।

यह पाठ मुख्यतः कौमार परम्परा एवं स्कन्द पुराण पर आधारित है।

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