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वेद पथ

गणेश अष्टोत्तर शतनामावली

श्री गणेश

समीक्षाधीन

परिचय

भगवान श्री गणेश के 108 पवित्र नामों का संकलन। प्रत्येक नाम गणपति के एक विशेष गुण, रूप या लीला का बोध कराता है। इन नामों का श्रद्धापूर्वक जप करने से विघ्नों का नाश होता है और सिद्धि-बुद्धि की प्राप्ति होती है।

महत्त्व

गणेश अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ भगवान गणेश की उपासना का एक प्रमुख अंग है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा या अनुष्ठान के आरम्भ में गणेश वन्दना का विशेष महत्व है। प्रत्येक नाम का जप करते हुए पुष्प, दूर्वा या मोदक अर्पित किया जाता है।

कब पढ़ें

चतुर्थी तिथि, गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, विनायक चतुर्थी, या किसी भी शुभ कार्य के आरम्भ में। प्रातःकाल या सन्ध्या काल में पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।

लाभ

  • विघ्नों का नाश और कार्यों में सफलता
  • बुद्धि, विद्या और ज्ञान की प्राप्ति
  • भगवान गणेश की विशेष कृपा
  • मंगल कार्यों में शुभता और समृद्धि
उच्चारण मार्गदर्शन: प्रत्येक नाम 'ॐ' से आरम्भ होता है और 'नमः' से समाप्त होता है। नाम चतुर्थी विभक्ति (दात्यर्थक) में हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: नामों का क्रम और उच्चारण सम्प्रदाय, क्षेत्र और पारिवारिक परम्परा के अनुसार भिन्न हो सकता है। कृपया अपने गुरु या कुल परम्परा का अनुसरण करें।
पाठ और क्रम सम्प्रदाय अनुसार भिन्न हो सकते हैं; कृपया अपने गुरु, पारिवारिक परम्परा या मन्दिर की परम्परा का अनुसरण करें।

108 नाम

प्रदर्शन:
# मंत्र अर्थ
1
ॐ विनायकाय नमः
Vināyakāya
श्रेष्ठ नायक
2
ॐ विघ्नराजाय नमः
Vighnarājāya
विघ्नों के राजा
3
ॐ गौरीपुत्राय नमः
Gaurīputrāya
गौरी (पार्वती) के पुत्र
4
ॐ गणेश्वराय नमः
Gaṇeśvarāya
गणों के ईश्वर
5
ॐ स्कन्दाग्रजाय नमः
Skandāgrajāya
स्कन्द (कार्तिकेय) के बड़े भाई
6
ॐ अव्यक्ताय नमः
Avyaktāya
अव्यक्त, अप्रकट
7
ॐ वरदाय नमः
Varadāya
वर देने वाले
8
ॐ शाश्वताय नमः
Śāśvatāya
शाश्वत, सनातन
9
ॐ बलाय नमः
Balāya
बलशाली
10
ॐ धरणीधराय नमः
Dharaṇīdharāya
पृथ्वी को धारण करने वाले
11
ॐ वक्रतुण्डाय नमः
Vakratuṇḍāya
टेढ़ी सूँड वाले
12
ॐ शूर्पकर्णाय नमः
Śūrpakarṇāya
सूप जैसे बड़े कान वाले
13
ॐ हेरम्बाय नमः
Hērambāya
दीनों के रक्षक
14
ॐ लम्बोदराय नमः
Lambōdarāya
लम्बे उदर वाले
15
ॐ एकदन्ताय नमः
Ēkadantāya
एक दाँत वाले
16
ॐ गणाधिपाय नमः
Gaṇādhipāya
गणों के अधिपति
17
ॐ गजाननाय नमः
Gajānanāya
गज (हाथी) के मुख वाले
18
ॐ विकटाय नमः
Vikaṭāya
विशाल, विकराल
19
ॐ विघ्ननाशनाय नमः
Vighnanāśanāya
विघ्नों का नाश करने वाले
20
ॐ सुराध्यक्षाय नमः
Surādhyakṣāya
देवताओं के अध्यक्ष
21
ॐ ईशपुत्राय नमः
Īśaputrāya
शिव के पुत्र
22
ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः
Sarvasiddhipradāya
सभी सिद्धियाँ प्रदान करने वाले
23
ॐ महोत्कटाय नमः
Mahōtkaṭāya
अत्यन्त उत्कृष्ट
24
ॐ मङ्गलमूर्तये नमः
Maṅgalamūrtayē
मंगल स्वरूप
25
ॐ प्रमथाय नमः
Pramathāya
शत्रुओं को पीड़ित करने वाले
26
ॐ प्रथमाय नमः
Prathamāya
सर्वप्रथम पूजनीय
27
ॐ प्राज्ञाय नमः
Prājñāya
प्रज्ञावान, बुद्धिमान
28
ॐ विघ्नकर्त्रे नमः
Vighnakartē
दुष्टों के लिए विघ्न उत्पन्न करने वाले
29
ॐ विघ्नहर्त्रे नमः
Vighnahartē
विघ्नों को दूर करने वाले
30
ॐ विश्वनेत्रे नमः
Viśvanētrē
विश्व के नेत्र
31
ॐ विराट्पतये नमः
Virāṭpatayē
विराट स्वरूप के स्वामी
32
ॐ श्रीपतये नमः
Śrīpatayē
सम्पत्ति के स्वामी
33
ॐ वाक्पतये नमः
Vākpatayē
वाणी के स्वामी
34
ॐ अभयप्रदाय नमः
Abhayapradāya
अभय प्रदान करने वाले
35
ॐ ज्योतिषे नमः
Jyōtiṣē
ज्योति स्वरूप
36
ॐ भक्तनिधये नमः
Bhaktanidhayē
भक्तों के निधि
37
ॐ भावगम्याय नमः
Bhāvagamyāya
भाव (भक्ति) से प्राप्त होने वाले
38
ॐ सुरेश्वराय नमः
Surēśvarāya
देवताओं के ईश्वर
39
ॐ सिद्धिविनायकाय नमः
Siddhivināyakāya
सिद्धि प्रदान करने वाले विनायक
40
ॐ सिद्धिदाय नमः
Siddhidāya
सिद्धि देने वाले
41
ॐ बुद्धिप्रियाय नमः
Buddhipriyāya
बुद्धि प्रेमी
42
ॐ शान्ताय नमः
Śāntāya
शान्त स्वरूप
43
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
Brahmacāriṇē
ब्रह्मचर्य व्रत धारी
44
ॐ गजाध्यक्षाय नमः
Gajādhyakṣāya
गजों के अध्यक्ष
45
ॐ भालचन्द्राय नमः
Bhālacandrāya
ललाट पर चन्द्रमा धारी
46
ॐ गजवक्त्राय नमः
Gajavaktrāya
हाथी के मुख वाले
47
ॐ महोदराय नमः
Mahōdarāya
बड़े उदर वाले
48
ॐ मधुरप्रियाय नमः
Madhurapriyāya
मिठाई प्रेमी
49
ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः
Pārvatīnandanāya
पार्वती के पुत्र
50
ॐ मूषकवाहनाय नमः
Mūṣakavāhanāya
मूषक (चूहा) वाहन वाले
51
ॐ नादप्रतिष्ठिताय नमः
Nādapratiṣṭhitāya
नाद में प्रतिष्ठित
52
ॐ सर्वात्मकाय नमः
Sarvātmakāya
समस्त जीवों की आत्मा
53
ॐ सुभगाय नमः
Subhagāya
सौभाग्यशाली
54
ॐ शुभदाय नमः
Śubhadāya
शुभ प्रदान करने वाले
55
ॐ प्रसन्नाय नमः
Prasannāya
सदा प्रसन्न रहने वाले
56
ॐ शिवप्रियाय नमः
Śivapriyāya
शिव के प्रिय
57
ॐ सुमुखाय नमः
Sumukhāya
सुन्दर मुख वाले
58
ॐ वरसिद्धिविनायकाय नमः
Varasiddhivināyakāya
वर और सिद्धि देने वाले विनायक
59
ॐ मोदकप्रियाय नमः
Mōdakapriyāya
मोदक प्रिय
60
ॐ धूम्रवर्णाय नमः
Dhūmravarṇāya
धूम्र (धुएँ जैसे) वर्ण वाले
61
ॐ गणाध्यक्षाय नमः
Gaṇādhyakṣāya
गणों के अध्यक्ष
62
ॐ फालचन्द्राय नमः
Phālacandrāya
ललाट पर चन्द्र धारी
63
ॐ गजकर्णकाय नमः
Gajakarṇakāya
हाथी के कान वाले
64
ॐ अमराय नमः
Amarāya
अमर, मृत्युरहित
65
ॐ मङ्गलदाय नमः
Maṅgaladāya
मंगल प्रदान करने वाले
66
ॐ अव्ययाय नमः
Avyayāya
अविनाशी
67
ॐ प्रमोदाय नमः
Pramōdāya
आनन्द स्वरूप
68
ॐ सुमङ्गलाय नमः
Sumaṅgalāya
अत्यन्त मंगलकारी
69
ॐ बुद्धिनाथाय नमः
Buddhinathāya
बुद्धि के स्वामी
70
ॐ बुद्धिदाय नमः
Buddhidāya
बुद्धि प्रदान करने वाले
71
ॐ बुद्धिप्रदाय नमः
Buddhipradāya
बुद्धि देने वाले
72
ॐ ओंकारस्वरूपाय नमः
Ōṅkārasvarūpāya
ओंकार के स्वरूप
73
ॐ विघ्नेश्वराय नमः
Vighnēśvarāya
विघ्नों के ईश्वर
74
ॐ गणपतये नमः
Gaṇapatayē
गणों के पति
75
ॐ स्थूलकर्णाय नमः
Sthūlakarṇāya
मोटे कान वाले
76
ॐ गजानताय नमः
Gajānatāya
गज मुख वाले
77
ॐ स्वयंसिद्धाय नमः
Svayaṁsiddhāya
स्वयं सिद्ध
78
ॐ सिद्धार्थाय नमः
Siddhārthāya
सिद्ध अर्थ वाले
79
ॐ श्रीगणेशाय नमः
Śrīgaṇēśāya
श्री गणेश
80
ॐ इभवक्त्राय नमः
Ibhavaktrāya
हाथी के मुख वाले
81
ॐ विघ्नहन्त्रे नमः
Vighnahantrē
विघ्नों का वध करने वाले
82
ॐ विश्वराजाय नमः
Viśvarājāya
विश्व के राजा
83
ॐ ढुण्ढिराजाय नमः
Ḍhuṇḍhirājāya
सबके द्वारा खोजे जाने वाले
84
ॐ कपिलाय नमः
Kapilāya
कपिल (पीत) वर्ण वाले
85
ॐ कवये नमः
Kavayē
कवि, द्रष्टा
86
ॐ ब्रह्मणस्पतये नमः
Brahmaṇaspatayē
ब्रह्म ज्ञान के स्वामी
87
ॐ लम्बकर्णाय नमः
Lambakarṇāya
लम्बे कान वाले
88
ॐ महाबलाय नमः
Mahābalāya
महान बल वाले
89
ॐ चतुर्भुजाय नमः
Caturbhujāya
चार भुजाओं वाले
90
ॐ विश्वकर्त्रे नमः
Viśvakartē
विश्व के रचयिता
91
ॐ विश्वमुखाय नमः
Viśvamukhāya
विश्व की ओर मुख वाले
92
ॐ कामिने नमः
Kāminē
कामनाओं को पूरा करने वाले
93
ॐ कान्तिमते नमः
Kāntimatē
कान्तिवान, तेजस्वी
94
ॐ दन्तिने नमः
Dantinē
दाँत (दन्त) वाले
95
ॐ दयायुताय नमः
Dayāyutāya
दया से परिपूर्ण
96
ॐ दक्षाय नमः
Dakṣāya
दक्ष, कुशल
97
ॐ अद्वैताय नमः
Advaitāya
अद्वैत, अद्वितीय
98
ॐ द्विजप्रियाय नमः
Dvijapriyāya
द्विज (ब्राह्मण) प्रिय
99
ॐ क्षिप्राय नमः
Kṣiprāya
शीघ्र कार्य करने वाले
100
ॐ दूर्वाप्रियाय नमः
Dūrvāpriyāya
दूर्वा (दूब) प्रिय
101
ॐ स्वधर्मरक्षकाय नमः
Svadharmarakṣakāya
स्वधर्म की रक्षा करने वाले
102
ॐ सृष्टिकर्त्रे नमः
Sṛṣṭikartē
सृष्टि के रचयिता
103
ॐ देवान्तकनाशकारिणे नमः
Dēvāntakanāśakāriṇē
देवान्तक राक्षस का नाश करने वाले
104
ॐ अशेषलोकशंकरिणे नमः
Aśēṣalōkaśaṅkariṇē
समस्त लोकों का कल्याण करने वाले
105
ॐ ज्ञानिने नमः
Jñāninē
ज्ञानी
106
ॐ दयालवे नमः
Dayālavē
दयालु
107
ॐ निरञ्जनाय नमः
Nirañjanāya
निर्मल, निष्कलंक
108
ॐ सिद्धिबुद्धिप्रदाय नमः
Siddhibuddhipradāya
सिद्धि और बुद्धि प्रदान करने वाले

पूजा विधि

1

Sankalpa (Intention)

(संकल्प)

दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, तिथि और पूजा का संकल्प लें।

2

Dhyanam (Meditation)

(ध्यानम्)

आँखें बंद करके कमल पर विराजमान, मोदक, अंकुश, पाश धारी और अभय मुद्रा में भगवान गणेश का ध्यान करें।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

Vakratunda Mahakaya Suryakotisamaprabha, Nirvighnam kuru me deva sarvakaryeshu sarvada.

3

Avahana (Invocation)

(आवाहनम्)

हाथ जोड़कर पुष्प अर्पित करते हुए भगवान गणेश का आवाहन करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। आवाहयामि।

4

Asana (Seat)

(आसनम्)

देवता को आसन (पुष्प/अक्षत) अर्पित करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। आसनं समर्पयामि।

Materials: akshataflowers
5

Padya (Foot Wash)

(पाद्यम्)

देवता के चरण धोने के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। पाद्यं समर्पयामि।

Materials: water
6

Arghya (Offering)

(अर्घ्यम्)

दोनों हाथों से कुमकुम और अक्षत मिश्रित जल का अर्घ्य दें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। अर्घ्यं समर्पयामि।

Materials: waterkumkumakshata
7

Achamaniya (Sipping Water)

(आचमनीयम्)

आचमन के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। आचमनीयं समर्पयामि।

Materials: water
8

Snana / Abhisheka (Bathing)

(स्नानम् / अभिषेकम्)

गणेश मूर्ति पर जल, दूध, दही, मधु और घी (पंचामृत) से अभिषेक करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। स्नानं समर्पयामि।

Materials: watermilkcurdhoneyghee
For Ganesha puja, Panchamrit abhisheka is traditional. Durva grass may also be offered during abhisheka.
9

Vastra (Clothing)

(वस्त्रम्)

वस्त्र अर्पित करें या प्रतीकात्मक रूप में सूत रखें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। वस्त्रं समर्पयामि।

Materials: cloth or cotton thread
10

Yajnopavita (Sacred Thread)

(यज्ञोपवीतम्) Optional

यज्ञोपवीत (जनेऊ) अर्पित करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। यज्ञोपवीतं समर्पयामि।

Materials: sacred thread
11

Gandha (Sandalwood Paste)

(गन्धम्)

चन्दन का लेप या सिन्दूर लगाएं। गणेश पूजा में सिन्दूर विशेष रूप से अर्पित किया जाता है।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। गन्धं समर्पयामि।

Materials: sandalwood pastesindoor
12

Akshata (Unbroken Rice)

(अक्षताः)

अक्षत (साबूत चावल) अर्पित करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। अक्षतान् समर्पयामि।

Materials: unbroken rice grains
13

Pushpa (Flowers)

(पुष्पम्)

पुष्प और दूर्वा (दूब घास) अर्पित करें। गणेश पूजा में दूर्वा विशेष रूप से प्रिय है।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। पुष्पं समर्पयामि।

Materials: flowersdurva grass
14

Dhupa (Incense)

(धूपम्)

अगरबत्ती या धूप जलाकर देवता के सम्मुख करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। धूपं आघ्रापयामि।

Materials: incense sticks
15

Deepa (Lamp)

(दीपम्)

घी या तेल का दीपक जलाकर देवता के सम्मुख करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। दीपं दर्शयामि।

Materials: lampghee or oil
16

Naivedya (Food Offering)

(नैवेद्यम्)

मोदक, लड्डू, फल या मिठाई का नैवेद्य अर्पित करें। मोदक गणेश जी का सर्वाधिक प्रिय भोग है।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। नैवेद्यं समर्पयामि।

Materials: modakaladdufruitssweetswater
17

Tambula (Betel Leaf)

(ताम्बूलम्) Optional

पान और सुपारी अर्पित करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। ताम्बूलं समर्पयामि।

Materials: betel leavesbetel nut
18

Dakshina (Offering)

(दक्षिणा) Optional

दक्षिणा स्वरूप सिक्का या अर्पण रखें।

19

108 Names Chanting

(नामार्चना)

भगवान गणेश के 108 नामों का जप करें, प्रत्येक नाम के साथ एक पुष्प, दूर्वा या अक्षत अर्पित करें।

ॐ विनायकाय नमः, ॐ विघ्नराजाय नमः...

Materials: 108 flowers or durva grass or akshata grains
This is the main archana. Keep count using a mala or by counting flowers. Durva grass is especially pleasing to Ganesha.
20

Concluding Prayer

(प्रार्थना)

अंत में प्रार्थना करें और देवता का आशीर्वाद माँगें।

21

Aarti

(आरती)

दीपक से आरती करें।

Materials: aarti lamp
22

Pradakshina and Namaskara

(प्रदक्षिणा / नमस्कार)

देवता की परिक्रमा करें और साष्टांग नमस्कार करें।

23

Kshama Prarthana (Apology)

(क्षमा प्रार्थना)

पूजा में हुई किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं गणाधिप। यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे॥

Mantraheenam kriyaheenam bhaktiheenam Ganadhipa, yat pujitam maya deva paripurnam tadastu me.

24

Visarjana (Send-off)

(विसर्जनम्) Optional

देवता से विदाई की प्रार्थना करें, साथ ही हृदय में सदा विराजमान रहने की प्रार्थना करें।

ॐ श्रीगणेशाय नमः। यथास्थानं प्रतिष्ठापयामि।

If worshipping a permanent murti at home, visarjana is typically not performed.

स्रोत: गणेश पुराण एवं अन्य गाणपत्य ग्रन्थों से संकलित। विभिन्न स्रोतों में नामों के क्रम में अन्तर हो सकता है।

यह पाठ समस्त हिन्दू सम्प्रदायों में मान्य है। गणेश सर्वप्रथम पूजनीय देवता हैं।

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