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वेद पथ

लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली

श्री लक्ष्मी

समीक्षाधीन

परिचय

माता लक्ष्मी के 108 पवित्र नामों का संकलन। प्रत्येक नाम देवी के एक विशेष गुण, रूप या शक्ति का बोध कराता है। इन नामों का श्रद्धापूर्वक जप करने से भक्त को धन, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

महत्त्व

लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ देवी लक्ष्मी की उपासना का एक प्रमुख अंग है। यह पाठ वैष्णव परम्परा में अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रत्येक नाम का जप करते हुए कमल पुष्प या अक्षत अर्पित किया जाता है।

कब पढ़ें

शुक्रवार, दीपावली, शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा, या किसी भी लक्ष्मी पूजा के अवसर पर। प्रातःकाल या सन्ध्या काल में पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।

लाभ

  • धन, सम्पत्ति और भौतिक समृद्धि की प्राप्ति
  • दारिद्र्य और ऋण का निवारण
  • गृहस्थ जीवन में सुख-शान्ति और सौभाग्य
  • माता लक्ष्मी की विशेष कृपा और आशीर्वाद
उच्चारण मार्गदर्शन: प्रत्येक नाम 'ॐ' से आरम्भ होता है और 'नमः' से समाप्त होता है। नाम चतुर्थी विभक्ति (दात्यर्थक) में हैं। स्त्रीलिंग नामों में '-यै', '-आयै' आदि प्रत्यय प्रयुक्त हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: नामों का क्रम और उच्चारण सम्प्रदाय, क्षेत्र और पारिवारिक परम्परा के अनुसार भिन्न हो सकता है। कृपया अपने गुरु या कुल परम्परा का अनुसरण करें।
पाठ और क्रम सम्प्रदाय अनुसार भिन्न हो सकते हैं; कृपया अपने गुरु, पारिवारिक परम्परा या मन्दिर की परम्परा का अनुसरण करें।

108 नाम

प्रदर्शन:
# मंत्र अर्थ
1
ॐ प्रकृत्यै नमः
Prakṛtyai
मूल प्रकृति
2
ॐ विकृत्यै नमः
Vikṛtyai
विकृति रूपा
3
ॐ विद्यायै नमः
Vidyāyai
विद्या स्वरूपा
4
ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः
Sarvabhūtahitapradāyai
समस्त प्राणियों का हित करने वाली
5
ॐ श्रद्धायै नमः
Śraddhāyai
श्रद्धा स्वरूपा
6
ॐ विभूत्यै नमः
Vibhūtyai
विभूति रूपा, ऐश्वर्यमयी
7
ॐ सुरभ्यै नमः
Surabhyai
सुगन्धित, कामधेनु रूपा
8
ॐ परमात्मिकायै नमः
Paramātmikāyai
परमात्म स्वरूपा
9
ॐ वाचे नमः
Vācē
वाणी स्वरूपा
10
ॐ पद्मालयायै नमः
Padmālayāyai
कमल में निवास करने वाली
11
ॐ पद्मायै नमः
Padmāyai
कमल स्वरूपा
12
ॐ शुच्यै नमः
Śucyai
पवित्र, शुद्ध
13
ॐ स्वाहायै नमः
Svāhāyai
स्वाहा स्वरूपा
14
ॐ स्वधायै नमः
Svadhāyai
स्वधा स्वरूपा
15
ॐ सुधायै नमः
Sudhāyai
अमृत स्वरूपा
16
ॐ धन्यायै नमः
Dhanyāyai
धन्य, भाग्यशालिनी
17
ॐ हिरण्मय्यै नमः
Hiraṇmayyai
स्वर्णमयी
18
ॐ लक्ष्म्यै नमः
Lakṣmyai
लक्ष्मी, शुभ चिह्न स्वरूपा
19
ॐ नित्यपुष्टायै नमः
Nityapuṣṭāyai
सदा पुष्ट, नित्य सम्पन्न
20
ॐ विभावर्यै नमः
Vibhāvaryai
प्रकाशमान, ज्योतिर्मयी
21
ॐ अदित्यै नमः
Adityai
अदिति, देवमाता
22
ॐ दित्यै नमः
Dityai
दिति स्वरूपा
23
ॐ दीप्तायै नमः
Dīptāyai
दीप्तिमान, प्रकाशवती
24
ॐ वसुधायै नमः
Vasudhāyai
पृथ्वी, धन देने वाली
25
ॐ वसुधारिण्यै नमः
Vasudhāriṇyai
धन धारण करने वाली
26
ॐ कमलायै नमः
Kamalāyai
कमला, कमल स्वरूपा
27
ॐ कान्तायै नमः
Kāntāyai
सुन्दरी, प्रियतमा
28
ॐ कामाक्ष्यै नमः
Kāmākṣyai
सुन्दर नेत्रों वाली
29
ॐ क्रोधसम्भवायै नमः
Krōdhasambhavāyai
क्रोध से उत्पन्न (धर्मरक्षार्थ)
30
ॐ अनुग्रहप्रदायै नमः
Anugrahapradāyai
अनुग्रह प्रदान करने वाली
31
ॐ बुद्ध्यै नमः
Buddhyai
बुद्धि स्वरूपा
32
ॐ अनघायै नमः
Anaghāyai
पापरहित, निष्कलंक
33
ॐ हरिवल्लभायै नमः
Harivallabhāyai
भगवान विष्णु की प्रिया
34
ॐ अशोकायै नमः
Aśōkāyai
शोक रहित, दुःख निवारिणी
35
ॐ अमृतायै नमः
Amṛtāyai
अमृत स्वरूपा, अमर
36
ॐ दीप्तायै नमः
Dīptāyai
तेजस्विनी, दीप्तिमती
37
ॐ लोकशोकविनाशिन्यै नमः
Lōkaśōkavināśinyai
संसार के शोक का नाश करने वाली
38
ॐ धर्मनिलयायै नमः
Dharmanilayāyai
धर्म का निवास स्थान
39
ॐ करुणायै नमः
Karuṇāyai
करुणामयी, दयालु
40
ॐ लोकमात्रे नमः
Lōkamātrē
संसार की माता
41
ॐ पद्मप्रियायै नमः
Padmapriyāyai
कमल प्रिय
42
ॐ पद्महस्तायै नमः
Padmahastāyai
हाथ में कमल धारण करने वाली
43
ॐ पद्माक्ष्यै नमः
Padmākṣyai
कमल नेत्रों वाली
44
ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः
Padmasundaryai
कमल के समान सुन्दरी
45
ॐ पद्मोद्भवायै नमः
Padmōdbhavāyai
कमल से उत्पन्न
46
ॐ पद्ममुख्यै नमः
Padmamukhyai
कमल मुखी
47
ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः
Padmanābhapriyāyai
पद्मनाभ (विष्णु) की प्रिया
48
ॐ रमायै नमः
Ramāyai
रमा, आनन्ददायिनी
49
ॐ पद्ममालाधरायै नमः
Padmamālādharāyai
कमल की माला धारण करने वाली
50
ॐ देव्यै नमः
Dēvyai
दिव्य देवी
51
ॐ पद्मिन्यै नमः
Padminyai
कमलों से युक्त
52
ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः
Padmagandhinyai
कमल की सुगन्ध वाली
53
ॐ पुण्यगन्धायै नमः
Puṇyagandhāyai
पवित्र सुगन्ध वाली
54
ॐ सुप्रसन्नायै नमः
Suprasannāyai
अत्यन्त प्रसन्न
55
ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः
Prasādābhimukhyai
कृपा की ओर उन्मुख
56
ॐ प्रभायै नमः
Prabhāyai
प्रभा, आभा स्वरूपा
57
ॐ चन्द्रवदनायै नमः
Candravadanāyai
चन्द्रमुखी
58
ॐ चन्द्रायै नमः
Candrāyai
चन्द्रमा सदृश
59
ॐ चन्द्रसहोदर्यै नमः
Candrasahōdaryai
चन्द्रमा की सहोदरी
60
ॐ चतुर्भुजायै नमः
Caturbhujāyai
चार भुजाओं वाली
61
ॐ चन्द्ररूपायै नमः
Candrarūpāyai
चन्द्र रूप वाली
62
ॐ इन्दिरायै नमः
Indirāyai
इन्दिरा, शोभायमान
63
ॐ इन्दुशीतलायै नमः
Induśītalāyai
चन्द्रमा के समान शीतल
64
ॐ आह्लादजनन्यै नमः
Āhlādajananyai
आनन्द उत्पन्न करने वाली
65
ॐ पुष्ट्यै नमः
Puṣṭyai
पुष्टि स्वरूपा, पोषण करने वाली
66
ॐ शिवायै नमः
Śivāyai
कल्याणकारिणी, मंगलदायिनी
67
ॐ शिवकर्यै नमः
Śivakaryai
शुभ कार्य करने वाली
68
ॐ सत्यै नमः
Satyai
सत्य स्वरूपा
69
ॐ विमलायै नमः
Vimalāyai
निर्मल, शुद्ध
70
ॐ विश्वजनन्यै नमः
Viśvajananyai
विश्व की जननी
71
ॐ तुष्ट्यै नमः
Tuṣṭyai
तुष्टि, सन्तोष स्वरूपा
72
ॐ दरिद्रनाशिन्यै नमः
Daridranāśinyai
दरिद्रता का नाश करने वाली
73
ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः
Prītipuṣkariṇyai
प्रेम से पोषण करने वाली
74
ॐ शान्तायै नमः
Śāntāyai
शान्त स्वरूपा
75
ॐ शुक्लमाल्याम्बरायै नमः
Śuklamālyāmbarāyai
श्वेत माला और वस्त्र धारण करने वाली
76
ॐ श्रियै नमः
Śriyai
श्री, सौभाग्य स्वरूपा
77
ॐ भास्कर्यै नमः
Bhāskaryai
सूर्य के समान प्रकाशवती
78
ॐ बिल्वनिलयायै नमः
Bilvanilayāyai
बिल्व वृक्ष में निवास करने वाली
79
ॐ वरारोहायै नमः
Varārōhāyai
श्रेष्ठ रूप वाली
80
ॐ यशस्विन्यै नमः
Yaśasvinyai
यशस्विनी, कीर्तिमती
81
ॐ वसुन्धरायै नमः
Vasundharāyai
धन धारण करने वाली, पृथ्वी
82
ॐ उदाराङ्गायै नमः
Udārāṅgāyai
उदार अंगों वाली
83
ॐ हरिण्यै नमः
Hariṇyai
हरि सम्बन्धिनी, स्वर्णवर्णा
84
ॐ हेममालिन्यै नमः
Hēmamālinyai
स्वर्ण माला वाली
85
ॐ धनधान्यकर्यै नमः
Dhanadhānyakaryai
धन और धान्य प्रदान करने वाली
86
ॐ सिद्ध्यै नमः
Siddhyai
सिद्धि स्वरूपा
87
ॐ स्त्रैणसौम्यायै नमः
Straiṇasaumyāyai
सौम्य और कोमल स्वभाव वाली
88
ॐ शुभप्रदायै नमः
Śubhapradāyai
शुभ प्रदान करने वाली
89
ॐ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः
Nṛpaveśmagatānandāyai
राजगृह में आनन्द लाने वाली
90
ॐ वरलक्ष्म्यै नमः
Varalakṣmyai
श्रेष्ठ लक्ष्मी, वरदायिनी
91
ॐ वसुप्रदायै नमः
Vasupradāyai
धन प्रदान करने वाली
92
ॐ शुभायै नमः
Śubhāyai
शुभकारिणी, मंगलमयी
93
ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः
Hiraṇyaprākārāyai
स्वर्ण प्राचीर वाली
94
ॐ समुद्रतनयायै नमः
Samudratanayāyai
समुद्र की पुत्री
95
ॐ जयायै नमः
Jayāyai
विजय स्वरूपा
96
ॐ मङ्गलायै नमः
Maṅgalāyai
मंगलकारिणी
97
ॐ विष्णुवक्षःस्थलस्थितायै नमः
Viṣṇuvakṣaḥsthalasthitāyai
विष्णु के वक्षःस्थल पर विराजने वाली
98
ॐ विष्णुपत्न्यै नमः
Viṣṇupatnyai
भगवान विष्णु की पत्नी
99
ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः
Prasannākṣyai
प्रसन्न नेत्रों वाली
100
ॐ नारायणसमाश्रितायै नमः
Nārāyaṇasamāśritāyai
नारायण की आश्रित
101
ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः
Dāridryadhvaṃsinyai
दारिद्र्य का नाश करने वाली
102
ॐ सर्वोपद्रवनिवारिण्यै नमः
Sarvōpadravanivāriṇyai
सभी उपद्रवों का निवारण करने वाली
103
ॐ नवदुर्गायै नमः
Navadurgāyai
नवदुर्गा स्वरूपा
104
ॐ महाकाल्यै नमः
Mahākālyai
महाकाली स्वरूपा
105
ॐ ब्रह्मविष्णुशिवात्मिकायै नमः
Brahmaviṣṇuśivātmikāyai
ब्रह्मा, विष्णु और शिव की आत्मिका
106
ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नायै नमः
Trikālajñānasampannāyai
त्रिकाल ज्ञान सम्पन्न
107
ॐ भुवनेश्वर्यै नमः
Bhuvaneśvaryai
भुवनों की ईश्वरी
108
ॐ महालक्ष्म्यै नमः
Mahālakṣmyai
महालक्ष्मी, समस्त ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री

पूजा विधि

1

Sankalpa (Intention)

(संकल्प)

दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, तिथि और पूजा का संकल्प लें।

2

Dhyanam (Meditation)

(ध्यानम्)

आँखें बंद करके कमल पर विराजमान, स्वर्णाभूषित, हाथों में कमल धारण किये देवी लक्ष्मी का ध्यान करें।

ॐ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

Om Sarvamangala Mangalye Shive Sarvarthasadhike, Sharanye Tryambake Gauri Narayani Namostu Te

3

Avahana (Invocation)

(आवाहनम्)

हाथ जोड़कर कमल पुष्प अर्पित करते हुए देवी लक्ष्मी का आवाहन करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। आवाहयामि।

4

Asana (Seat)

(आसनम्)

देवी को आसन (पुष्प/अक्षत) अर्पित करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। आसनं समर्पयामि।

Materials: akshatalotus flowers
5

Padya (Foot Wash)

(पाद्यम्)

देवी के चरण धोने के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। पाद्यं समर्पयामि।

Materials: water
6

Arghya (Offering)

(अर्घ्यम्)

दोनों हाथों से कुमकुम और अक्षत मिश्रित जल का अर्घ्य दें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। अर्घ्यं समर्पयामि।

Materials: waterkumkumakshata
7

Achamaniya (Sipping Water)

(आचमनीयम्)

आचमन के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। आचमनीयं समर्पयामि।

Materials: water
8

Snana / Abhisheka (Bathing)

(स्नानम् / अभिषेकम्)

मूर्ति पर जल, दूध, दही, मधु और घी (पंचामृत) से अभिषेक करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। स्नानं समर्पयामि।

Materials: watermilkcurdhoneyghee
For Lakshmi puja, bathing with Panchamrit and rose water is considered auspicious.
9

Vastra (Clothing)

(वस्त्रम्)

लाल या गुलाबी वस्त्र अर्पित करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। वस्त्रं समर्पयामि।

Materials: red or pink cloth
10

Saubhagya Sutra (Auspicious Thread)

(सौभाग्यसूत्रम्) Optional

सौभाग्य सूत्र अर्पित करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। सौभाग्यसूत्रं समर्पयामि।

Materials: auspicious thread
11

Gandha (Sandalwood Paste)

(गन्धम्)

चन्दन का लेप और कुमकुम लगाएं।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। गन्धं समर्पयामि।

Materials: sandalwood pastekumkum
12

Akshata (Unbroken Rice)

(अक्षताः)

हल्दी रंगे अक्षत (साबूत चावल) अर्पित करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। अक्षतान् समर्पयामि।

Materials: unbroken rice grainsturmeric
13

Pushpa (Flowers)

(पुष्पम्)

कमल पुष्प, लाल फूल और कुमकुम देवी लक्ष्मी को अर्पित करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। पुष्पं समर्पयामि।

Materials: lotus flowersred flowerskumkum
14

Dhupa (Incense)

(धूपम्)

अगरबत्ती या धूप जलाकर देवी के सम्मुख करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। धूपं आघ्रापयामि।

Materials: incense sticks
15

Deepa (Lamp)

(दीपम्)

घी का दीपक जलाकर देवी के सम्मुख करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। दीपं दर्शयामि।

Materials: lampghee
16

Naivedya (Food Offering)

(नैवेद्यम्)

फल, मिठाई (खीर, लड्डू) और भोजन का नैवेद्य अर्पित करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। नैवेद्यं समर्पयामि।

Materials: fruitssweetskheerwater
17

Tambula (Betel Leaf)

(ताम्बूलम्) Optional

पान और सुपारी अर्पित करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। ताम्बूलं समर्पयामि।

Materials: betel leavesbetel nut
18

Dakshina (Offering)

(दक्षिणा) Optional

दक्षिणा स्वरूप सिक्का या अर्पण रखें।

19

108 Names Chanting

(नामार्चना)

देवी लक्ष्मी के 108 नामों का जप करें, प्रत्येक नाम के साथ एक कमल पंखुड़ी या अक्षत अर्पित करें।

ॐ प्रकृत्यै नमः, ॐ विकृत्यै नमः...

Materials: 108 lotus petals or akshata grains
This is the main archana. Keep count using a mala or by counting flowers.
20

Concluding Prayer

(प्रार्थना)

अंत में प्रार्थना करें और देवी का आशीर्वाद माँगें।

21

Aarti

(आरती)

दीपक से आरती करें।

Materials: aarti lamp
22

Pradakshina and Namaskara

(प्रदक्षिणा / नमस्कार)

देवी की परिक्रमा करें और साष्टांग नमस्कार करें।

23

Kshama Prarthana (Apology)

(क्षमा प्रार्थना)

पूजा में हुई किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि। यत्पूजितं मया देवि परिपूर्णं तदस्तु मे॥

Mantraheenam kriyaheenam bhaktiheenam Sureshvari, yat pujitam maya Devi paripurnam tadastu me.

24

Visarjana (Send-off)

(विसर्जनम्) Optional

देवी से विदाई की प्रार्थना करें, साथ ही हृदय में सदा विराजमान रहने की प्रार्थना करें।

ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः। यथास्थानं प्रतिष्ठापयामि।

If worshipping a permanent murti at home, visarjana is typically not performed.

स्रोत: श्री सूक्त, लक्ष्मी तन्त्र एवं अन्य वैष्णव ग्रन्थों से संकलित। विभिन्न स्रोतों में नामों के क्रम में अन्तर हो सकता है।

यह पाठ मुख्यतः वैष्णव परम्परा पर आधारित है।

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