राम अष्टोत्तर शतनामावली
श्री राम
परिचय
भगवान श्री राम के 108 पवित्र नामों का संकलन। प्रत्येक नाम राम के एक विशेष गुण, रूप या लीला का बोध कराता है। इन नामों का श्रद्धापूर्वक जप करने से भक्त को श्री राम की कृपा प्राप्त होती है।
महत्त्व
राम अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ भगवान श्री राम की उपासना का एक प्रमुख अंग है। यह पाठ वैष्णव भक्तों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रत्येक नाम का जप करते हुए पुष्प या अक्षत अर्पित किया जाता है।
कब पढ़ें
रामनवमी, चैत्र शुक्ल नवमी, प्रत्येक मंगलवार, या किसी भी राम पूजा के अवसर पर। प्रातःकाल या सन्ध्या काल में पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।
लाभ
- • मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति
- • पापों का नाश और जीवन में कल्याण
- • भगवान श्री राम की विशेष कृपा
- • भय, रोग और दुःखों का निवारण
108 नाम
| # | मंत्र | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | ॐ श्रीरामाय नमः Śrīrāmāya | शोभायमान, मनोहर राम |
| 2 | ॐ रामभद्राय नमः Rāmabhadrāya | मंगलकारी राम |
| 3 | ॐ रामचन्द्राय नमः Rāmacandrāya | चन्द्रमा के समान सुन्दर राम |
| 4 | ॐ शाश्वताय नमः Śāśvatāya | शाश्वत, सनातन |
| 5 | ॐ राजीवलोचनाय नमः Rājīvalocanāya | कमल के समान नेत्र वाले |
| 6 | ॐ श्रीमते नमः Śrīmatē | श्री (लक्ष्मी) से युक्त |
| 7 | ॐ राजेन्द्राय नमः Rājēndrāya | राजाओं के राजा |
| 8 | ॐ रघुपुङ्गवाय नमः Raghupuṅgavāya | रघुवंश में श्रेष्ठ |
| 9 | ॐ जानकीवल्लभाय नमः Jānakīvallabhāya | जानकी (सीता) के प्रियतम |
| 10 | ॐ जैत्राय नमः Jaitrāya | सदा विजयी |
| 11 | ॐ जितामित्राय नमः Jitāmitrāya | शत्रुओं को जीतने वाले |
| 12 | ॐ जनार्दनाय नमः Janārdanāya | सभी जनों द्वारा पूजित |
| 13 | ॐ विश्वामित्रप्रियाय नमः Viśvāmitrapriyāya | विश्वामित्र के प्रिय |
| 14 | ॐ दान्ताय नमः Dāntāya | इन्द्रियों को वश में रखने वाले |
| 15 | ॐ शरणत्राणतत्पराय नमः Śaraṇatrāṇatatparāya | शरणागतों की रक्षा में तत्पर |
| 16 | ॐ वालिप्रमथनाय नमः Vālipramathanāya | वालि का वध करने वाले |
| 17 | ॐ वाग्मिने नमः Vāgminē | मधुर वाणी वाले |
| 18 | ॐ सत्यवाचे नमः Satyavācē | सत्य बोलने वाले |
| 19 | ॐ सत्यविक्रमाय नमः Satyavikramāya | सत्य पराक्रम वाले |
| 20 | ॐ सत्यव्रताय नमः Satyavratāya | सत्य का व्रत धारण करने वाले |
| 21 | ॐ व्रतधराय नमः Vratadharāya | व्रत धारण करने वाले |
| 22 | ॐ सदाहनुमदाश्रिताय नमः Sadāhanumadāśritāya | सदा हनुमान से सेवित |
| 23 | ॐ कौसलेयाय नमः Kausalēyāya | कौसल्या के पुत्र |
| 24 | ॐ खरध्वंसिने नमः Kharadhvaṁsinē | खर राक्षस का वध करने वाले |
| 25 | ॐ विराधवधपण्डिताय नमः Virādhavadhapaṇḍitāya | विराध राक्षस के वध में निपुण |
| 26 | ॐ विभीषणपरित्रात्रे नमः Vibhīṣaṇaparitrātrē | विभीषण की रक्षा करने वाले |
| 27 | ॐ हरकोदण्डखण्डनाय नमः Harakōdaṇḍakhaṇḍanāya | शिव धनुष तोड़ने वाले |
| 28 | ॐ सप्ततालप्रभेत्त्रे नमः Saptatālaprabhēttrē | सात ताल वृक्षों को भेदने वाले |
| 29 | ॐ दशग्रीवशिरोहराय नमः Daśagrīvaśirōharāya | दशानन (रावण) का शिरच्छेद करने वाले |
| 30 | ॐ ताटकान्तकाय नमः Tāṭakāntakāya | ताटका का वध करने वाले |
| 31 | ॐ वेदान्तसाराय नमः Vēdāntasārāya | वेदान्त के सार |
| 32 | ॐ वेदात्मने नमः Vēdātmanē | वेदों की आत्मा |
| 33 | ॐ भवरोगस्य भेषजाय नमः Bhavarogasya bhēṣajāya | संसार रूपी रोग की औषधि |
| 34 | ॐ दूषणत्रिशिरोहन्त्रे नमः Dūṣaṇatriśirōhantrē | दूषण और त्रिशिरा के वध करने वाले |
| 35 | ॐ त्रिमूर्तये नमः Trimūrtayē | त्रिमूर्ति स्वरूप |
| 36 | ॐ त्रिगुणात्मकाय नमः Triguṇātmakāya | तीन गुणों के स्वरूप |
| 37 | ॐ त्रिविक्रमाय नमः Trivikramāya | तीन विक्रम वाले |
| 38 | ॐ त्रिलोकात्मने नमः Trilōkātmanē | तीनों लोकों की आत्मा |
| 39 | ॐ पुण्यचारित्रकीर्तनाय नमः Puṇyacāritrakīrtanāya | जिनके पुण्य चरित्र का कीर्तन होता है |
| 40 | ॐ त्रिलोकरक्षकाय नमः Trilōkarakṣakāya | तीनों लोकों के रक्षक |
| 41 | ॐ धन्विने नमः Dhanvinē | धनुष धारण करने वाले |
| 42 | ॐ दण्डकारण्यवासिने नमः Daṇḍakāraṇyavāsinē | दण्डकारण्य में निवास करने वाले |
| 43 | ॐ अहल्याशापशमनाय नमः Ahalyāśāpaśamanāya | अहल्या के शाप को समाप्त करने वाले |
| 44 | ॐ पितृभक्ताय नमः Pitṛbhaktāya | पिता के प्रति भक्तिमान |
| 45 | ॐ वरप्रदाय नमः Varapradāya | वर प्रदान करने वाले |
| 46 | ॐ जितेन्द्रियाय नमः Jitēndriyāya | इन्द्रियों को जीतने वाले |
| 47 | ॐ जितक्रोधाय नमः Jitakrōdhāya | क्रोध पर विजय पाने वाले |
| 48 | ॐ जितमित्राय नमः Jitamitrāya | मित्रों को जीतने (प्राप्त करने) वाले |
| 49 | ॐ जगद्गुरवे नमः Jagadguravē | जगत के गुरु |
| 50 | ॐ ऋक्षवानरसंघातिने नमः Ṛkṣavānarasaṁghātinē | भालुओं और वानरों की सेना एकत्र करने वाले |
| 51 | ॐ चित्रकूटसमाश्रयाय नमः Citrakūṭasamāśrayāya | चित्रकूट पर्वत पर निवास करने वाले |
| 52 | ॐ जयन्तत्राणवरदाय नमः Jayantarāṇavaradāya | जयन्त को क्षमा करने वाले |
| 53 | ॐ सुग्रीवेष्टदाय नमः Sugrīvēṣṭadāya | सुग्रीव की इच्छा पूर्ण करने वाले |
| 54 | ॐ सर्वपुण्याधिकफलाय नमः Sarvapuṇyādhikaphalāya | सभी पुण्यों से अधिक फल देने वाले |
| 55 | ॐ स्मृतसर्वाघनाशनाय नमः Smṛtasarvāghanāśanāya | स्मरण मात्र से सब पाप नष्ट करने वाले |
| 56 | ॐ आदिपुरुषाय नमः Ādipuruṣāya | आदि पुरुष |
| 57 | ॐ परमपुरुषाय नमः Paramapuruṣāya | परम पुरुष |
| 58 | ॐ महापुरुषाय नमः Mahāpuruṣāya | महापुरुष |
| 59 | ॐ पुण्योदयाय नमः Puṇyōdayāya | पुण्य के उदय स्वरूप |
| 60 | ॐ दयासाराय नमः Dayāsārāya | दया के सार |
| 61 | ॐ पुरुषोत्तमाय नमः Puruṣōttamāya | पुरुषों में उत्तम |
| 62 | ॐ स्मितवक्त्राय नमः Smitavaktrāya | मुस्कान से युक्त मुख वाले |
| 63 | ॐ मिताभाषिणे नमः Mitābhāṣiṇē | मर्यादित वचन बोलने वाले |
| 64 | ॐ पूर्वभाषिणे नमः Pūrvabhāṣiṇē | पहले स्वयं बोलने वाले |
| 65 | ॐ राघवाय नमः Rāghavāya | रघु के वंशज |
| 66 | ॐ अनन्तगुणगम्भीराय नमः Anantagunagambhīrāya | अनन्त और गम्भीर गुणों वाले |
| 67 | ॐ धीरोदात्तगुणोत्तराय नमः Dhīrōdāttaguṇōttarāya | धीर और उदात्त गुणों से श्रेष्ठ |
| 68 | ॐ मायामानुषचारित्राय नमः Māyāmānuṣacāritrāya | माया से मनुष्य लीला करने वाले |
| 69 | ॐ महादेवाय नमः Mahādēvāya | महान देव |
| 70 | ॐ महाभुजाय नमः Mahābhujāya | विशाल भुजाओं वाले |
| 71 | ॐ सर्वदेवादिदेवाय नमः Sarvadēvādidēvāya | सभी देवताओं के आदि देव |
| 72 | ॐ शरण्याय नमः Śaraṇyāya | शरण लेने योग्य |
| 73 | ॐ सर्वप्रणतपालकाय नमः Sarvaprāṇatapālakāya | सभी शरणागतों की रक्षा करने वाले |
| 74 | ॐ सीतापतये नमः Sītāpatayē | सीता के पति |
| 75 | ॐ श्रीमद्दशरथात्मजाय नमः Śrīmaddaśarathātmajāya | श्रीमान दशरथ के पुत्र |
| 76 | ॐ दण्डकारण्यपुण्यकृते नमः Daṇḍakāraṇyapuṇyakṛtē | दण्डकारण्य को पवित्र करने वाले |
| 77 | ॐ सर्वलोकप्रभवे नमः Sarvalōkaprabhavē | सभी लोकों के उत्पत्तिकर्ता |
| 78 | ॐ पराशरवशिष्ठसुताय नमः Parāśaravaśiṣṭhasutāya | पराशर-वशिष्ठ वंश के सुपुत्र |
| 79 | ॐ रघुनाथाय नमः Raghunāthāya | रघुवंश के नाथ |
| 80 | ॐ सर्वलोकशरण्याय नमः Sarvalōkaśaraṇyāya | सभी लोकों की शरण |
| 81 | ॐ मुनिसंस्तुताय नमः Munisaṁstutāya | मुनियों द्वारा स्तुत |
| 82 | ॐ सेतुकृते नमः Sētukṛtē | सेतु (रामसेतु) का निर्माण करने वाले |
| 83 | ॐ लक्ष्मणप्राणदाय नमः Lakṣmaṇaprāṇadāya | लक्ष्मण को प्राणदान देने वाले |
| 84 | ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः Sarvatīrthamayāya | सभी तीर्थों के स्वरूप |
| 85 | ॐ हरये नमः Harayē | पाप और दुःख हरने वाले |
| 86 | ॐ श्यामाङ्गाय नमः Śyāmāṅgāya | श्याम वर्ण शरीर वाले |
| 87 | ॐ सुन्दराय नमः Sundarāya | अत्यन्त सुन्दर |
| 88 | ॐ शूराय नमः Śūrāya | वीर, शूरवीर |
| 89 | ॐ पीतवाससे नमः Pītavāsasē | पीत वस्त्र धारण करने वाले |
| 90 | ॐ धनुर्धराय नमः Dhanurdharāya | धनुष धारण करने वाले |
| 91 | ॐ सर्वयज्ञाधिपाय नमः Sarvayajñādhipāya | सभी यज्ञों के अधिपति |
| 92 | ॐ यजमानाय नमः Yajamānāya | यज्ञ करने वाले |
| 93 | ॐ जरामरणवर्जिताय नमः Jarāmaraṇavarjitāya | जरा और मृत्यु से रहित |
| 94 | ॐ विभीषणप्रतिष्ठात्रे नमः Vibhīṣaṇapratiṣṭhātrē | विभीषण को राज्य देने वाले |
| 95 | ॐ सर्वापगुणवर्जिताय नमः Sarvāpaguṇavarjitāya | सभी दोषों से रहित |
| 96 | ॐ परमात्मने नमः Paramātmanē | परम आत्मा |
| 97 | ॐ परब्रह्मणे नमः Parabrahmaṇē | परब्रह्म स्वरूप |
| 98 | ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः Saccidānandavigrahāya | सत्-चित्-आनन्द स्वरूप |
| 99 | ॐ पराशरोत्साहदाय नमः Parāśarōtsāhadāya | पराशर मुनि को प्रेरणा देने वाले |
| 100 | ॐ सर्वलोकाधिपाय नमः Sarvalōkādhipāya | सभी लोकों के स्वामी |
| 101 | ॐ मर्यादापुरुषोत्तमाय नमः Maryādāpuruṣōttamāya | मर्यादा पुरुषोत्तम |
| 102 | ॐ भक्तवत्सलाय नमः Bhaktavatsalāya | भक्तों पर कृपालु |
| 103 | ॐ धर्मसंस्थापकाय नमः Dharmasaṁsthāpakāya | धर्म की स्थापना करने वाले |
| 104 | ॐ सर्वाभीष्टप्रदाय नमः Sarvābhīṣṭapradāya | सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले |
| 105 | ॐ अपारकरुणाय नमः Apārakaruṇāya | अपार करुणा वाले |
| 106 | ॐ कल्याणदाय नमः Kalyāṇadāya | कल्याण प्रदान करने वाले |
| 107 | ॐ पराय नमः Parāya | सर्वोपरि, परम तत्त्व |
| 108 | ॐ श्रीरामचन्द्राय नमः Śrīrāmacandrāya | चन्द्रमा के समान प्रकाशमान श्री राम |
पूजा विधि
1 Sankalpa (Intention)
(संकल्प)
Sankalpa (Intention)
(संकल्प)दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, तिथि और पूजा का संकल्प लें।
2 Dhyanam (Meditation)
(ध्यानम्)
Dhyanam (Meditation)
(ध्यानम्)आँखें बंद करके अयोध्या में स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान श्री राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान का ध्यान करें।
ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्दपद्मासनस्थम्
Dhyayedajanubahum dhritasharadhanusham baddapadmasanastham
3 Avahana (Invocation)
(आवाहनम्)
Avahana (Invocation)
(आवाहनम्)हाथ जोड़कर पुष्प अर्पित करते हुए भगवान श्री राम का आवाहन करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। आवाहयामि।
4 Asana (Seat)
(आसनम्)
Asana (Seat)
(आसनम्)देवता को आसन (पुष्प/अक्षत) अर्पित करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। आसनं समर्पयामि।
5 Padya (Foot Wash)
(पाद्यम्)
Padya (Foot Wash)
(पाद्यम्)देवता के चरण धोने के लिए जल अर्पित करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। पाद्यं समर्पयामि।
6 Arghya (Offering)
(अर्घ्यम्)
Arghya (Offering)
(अर्घ्यम्)दोनों हाथों से कुमकुम और अक्षत मिश्रित जल का अर्घ्य दें।
ॐ श्रीरामाय नमः। अर्घ्यं समर्पयामि।
7 Achamaniya (Sipping Water)
(आचमनीयम्)
Achamaniya (Sipping Water)
(आचमनीयम्)आचमन के लिए जल अर्पित करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। आचमनीयं समर्पयामि।
8 Snana / Abhisheka (Bathing)
(स्नानम् / अभिषेकम्)
Snana / Abhisheka (Bathing)
(स्नानम् / अभिषेकम्)श्री राम की मूर्ति पर जल, दूध, दही, मधु और घी (पंचामृत) से अभिषेक करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। स्नानं समर्पयामि।
9 Vastra (Clothing)
(वस्त्रम्)
Vastra (Clothing)
(वस्त्रम्)पीतांबर (पीले वस्त्र) अर्पित करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। वस्त्रं समर्पयामि।
10 Yajnopavita (Sacred Thread)
(यज्ञोपवीतम्) Optional
Yajnopavita (Sacred Thread)
(यज्ञोपवीतम्) Optionalयज्ञोपवीत (जनेऊ) अर्पित करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। यज्ञोपवीतं समर्पयामि।
11 Gandha (Sandalwood Paste)
(गन्धम्)
Gandha (Sandalwood Paste)
(गन्धम्)चन्दन का लेप लगाएं।
ॐ श्रीरामाय नमः। गन्धं समर्पयामि।
12 Akshata (Unbroken Rice)
(अक्षताः)
Akshata (Unbroken Rice)
(अक्षताः)अक्षत (साबूत चावल) अर्पित करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। अक्षतान् समर्पयामि।
13 Pushpa (Flowers)
(पुष्पम्)
Pushpa (Flowers)
(पुष्पम्)तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें। राम पूजा में तुलसी विशेष रूप से पवित्र मानी जाती है।
ॐ श्रीरामाय नमः। पुष्पं समर्पयामि।
14 Dhupa (Incense)
(धूपम्)
Dhupa (Incense)
(धूपम्)अगरबत्ती या धूप जलाकर देवता के सम्मुख करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। धूपं आघ्रापयामि।
15 Deepa (Lamp)
(दीपम्)
Deepa (Lamp)
(दीपम्)घी या तेल का दीपक जलाकर देवता के सम्मुख करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। दीपं दर्शयामि।
16 Naivedya (Food Offering)
(नैवेद्यम्)
Naivedya (Food Offering)
(नैवेद्यम्)फल, मिठाई या भोजन का नैवेद्य अर्पित करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। नैवेद्यं समर्पयामि।
17 Tambula (Betel Leaf)
(ताम्बूलम्) Optional
Tambula (Betel Leaf)
(ताम्बूलम्) Optionalपान और सुपारी अर्पित करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। ताम्बूलं समर्पयामि।
18 Dakshina (Offering)
(दक्षिणा) Optional
Dakshina (Offering)
(दक्षिणा) Optionalदक्षिणा स्वरूप सिक्का या अर्पण रखें।
19 108 Names Chanting
(नामार्चना)
108 Names Chanting
(नामार्चना)भगवान श्री राम के 108 नामों का जप करें, प्रत्येक नाम के साथ एक तुलसी दल या पुष्प अर्पित करें।
ॐ श्रीरामाय नमः, ॐ रामभद्राय नमः...
20 Concluding Prayer
(प्रार्थना)
Concluding Prayer
(प्रार्थना)अंत में प्रार्थना करें और देवता का आशीर्वाद माँगें।
21 Aarti
(आरती)
Aarti
(आरती)दीपक से आरती करें।
22 Pradakshina and Namaskara
(प्रदक्षिणा / नमस्कार)
Pradakshina and Namaskara
(प्रदक्षिणा / नमस्कार)देवता की परिक्रमा करें और साष्टांग नमस्कार करें।
23 Kshama Prarthana (Apology)
(क्षमा प्रार्थना)
Kshama Prarthana (Apology)
(क्षमा प्रार्थना)पूजा में हुई किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।
मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वर। यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे॥
Mantraheenam kriyaheenam bhaktiheenam Sureshwara, yat pujitam maya deva paripurnam tadastu me.
24 Visarjana (Send-off)
(विसर्जनम्) Optional
Visarjana (Send-off)
(विसर्जनम्) Optionalदेवता से विदाई की प्रार्थना करें, साथ ही हृदय में सदा विराजमान रहने की प्रार्थना करें।
ॐ श्रीरामाय नमः। यथास्थानं प्रतिष्ठापयामि।
स्रोत: वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस एवं अन्य वैष्णव ग्रन्थों से संकलित। विभिन्न स्रोतों में नामों के क्रम में अन्तर हो सकता है।
यह पाठ मुख्यतः वैष्णव परम्परा पर आधारित है।