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वेद पथ

काली चालीसा

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परिचय

काली चालीसा माँ काली की स्तुति में रचित एक भक्तिपूर्ण रचना है। इसमें माँ काली के अनेक नामों, स्वरूपों और दस महाविद्याओं का वर्णन है। माँ काली आदि शक्ति हैं — श्यामवर्णी, अठारह भुजाओं वाली, मुण्डमाला धारिणी। वे दुष्टों का संहार करती हैं और भक्तों को अभय प्रदान करती हैं।

महत्व

काली चालीसा का पाठ भय, संकट और शत्रुओं से मुक्ति दिलाता है। इसमें शुम्भ-निशुम्भ, रक्तबीज और चण्ड-मुण्ड वध का वर्णन है। बावन शक्तिपीठों, कामाख्या और विन्ध्यवासिनी का उल्लेख इसे विशेष बनाता है। नवरात्रि, अमावस्या और मंगलवार को इसका पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।

पाठ विधि

काली चालीसा का पाठ रात्रि में विशेष रूप से फलदायी है। माँ काली के चित्र या मूर्ति के समक्ष लाल पुष्प और सिन्दूर अर्पित करें, दीपक जलाएँ और श्रद्धापूर्वक पाठ प्रारम्भ करें।