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वेद पथ

श्री सरस्वती आरती - जय सरस्वती माता

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परिचय

“जय सरस्वती माता” विद्या और ज्ञान की देवी माता सरस्वती की सबसे लोकप्रिय आरती है। यह आरती विशेष रूप से वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के अवसर पर गाई जाती है। इसमें माता सरस्वती के दिव्य स्वरूप, उनके गुणों और विद्या प्रदान करने की शक्ति का वर्णन किया गया है।

आरती का महत्व

सरस्वती आरती का विशेष महत्व है क्योंकि माता सरस्वती विद्या, बुद्धि, ज्ञान और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं। इस आरती को गाने से विद्या में वृद्धि, बुद्धि में तीक्ष्णता और ज्ञान का प्रकाश प्राप्त होता है। विद्यार्थियों और कलाकारों के लिए यह आरती अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

आरती करने की विधि

  1. माता सरस्वती की प्रतिमा या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं
  2. श्वेत फूल, श्वेत वस्त्र और पुस्तकें अर्पित करें
  3. आरती गाते हुए थाली को माता के सामने घड़ी की दिशा में घुमाएं
  4. वसंत पंचमी को यह आरती करना विशेष शुभ है
  5. प्रसाद के रूप में श्वेत मिठाई या बूंदी अर्पित करें

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