सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली
श्री सरस्वती
परिचय
माँ सरस्वती के 108 पवित्र नामों का संकलन। प्रत्येक नाम देवी सरस्वती के एक विशेष गुण, रूप या शक्ति का बोध कराता है। इन नामों का श्रद्धापूर्वक जप करने से भक्त को विद्या, बुद्धि और वाणी की सिद्धि प्राप्त होती है।
महत्त्व
सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ माँ सरस्वती की उपासना का एक प्रमुख अंग है। यह पाठ विद्यार्थियों, कलाकारों, लेखकों और सभी ज्ञान-साधकों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रत्येक नाम का जप करते हुए श्वेत पुष्प अर्पित किया जाता है।
कब पढ़ें
वसन्त पंचमी (सरस्वती पूजा), प्रत्येक बृहस्पतिवार, नवरात्रि, या किसी भी सरस्वती पूजा के अवसर पर। प्रातःकाल में पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।
लाभ
- • विद्या, बुद्धि और स्मरणशक्ति में वृद्धि
- • वाणी की शुद्धता और मधुरता
- • कला, संगीत और साहित्य में प्रवीणता
- • अज्ञान और भ्रम का निवारण
108 नाम
| # | मंत्र | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | ॐ सरस्वत्यै नमः Sarasvatyai | ज्ञान की प्रवाहिनी देवी |
| 2 | ॐ महाभद्रायै नमः Mahābhadrāyai | अत्यन्त मंगलकारी |
| 3 | ॐ महामायायै नमः Mahāmāyāyai | महामाया स्वरूपा |
| 4 | ॐ वाणीरूपायै नमः Vāṇīrūpāyai | वाणी के स्वरूप वाली |
| 5 | ॐ विद्यायै नमः Vidyāyai | विद्या स्वरूपा |
| 6 | ॐ सर्वसिद्धिप्रदायिन्यै नमः Sarvasiddhipradāyinyai | सभी सिद्धियाँ प्रदान करने वाली |
| 7 | ॐ विद्यादायिन्यै नमः Vidyādāyinyai | विद्या प्रदान करने वाली |
| 8 | ॐ विशालाक्ष्यै नमः Viśālākṣyai | विशाल नेत्रों वाली |
| 9 | ॐ शुक्लवर्णायै नमः Śuklavarṇāyai | श्वेत वर्ण वाली |
| 10 | ॐ शुभदायिन्यै नमः Śubhadāyinyai | शुभ प्रदान करने वाली |
| 11 | ॐ वागीश्वर्यै नमः Vāgīśvaryai | वाणी की ईश्वरी |
| 12 | ॐ कुमुद्वत्यै नमः Kumudvatyai | कुमुद (कमल) धारण करने वाली |
| 13 | ॐ भारत्यै नमः Bhāratyai | भारती, वाणी देवी |
| 14 | ॐ वीणापुस्तकधारिण्यै नमः Vīṇāpustakdhāriṇyai | वीणा और पुस्तक धारण करने वाली |
| 15 | ॐ विमलायै नमः Vimalāyai | निर्मल, शुद्ध |
| 16 | ॐ विश्वरूपायै नमः Viśvarūpāyai | विश्व के स्वरूप वाली |
| 17 | ॐ विद्याशक्त्यै नमः Vidyāśaktyai | विद्या की शक्ति |
| 18 | ॐ महाविद्यायै नमः Mahāvidyāyai | महाविद्या स्वरूपा |
| 19 | ॐ महावाण्यै नमः Mahāvāṇyai | महावाणी स्वरूपा |
| 20 | ॐ मृणालिन्यै नमः Mṛṇālinyai | कमलनाल से सुशोभित |
| 21 | ॐ वीणावादिन्यै नमः Vīṇāvādinyai | वीणा वादन करने वाली |
| 22 | ॐ शारदायै नमः Śāradāyai | शारदा, शरद ऋतु की देवी |
| 23 | ॐ शास्त्ररूपिण्यै नमः Śāstrarupinyai | शास्त्र रूपा |
| 24 | ॐ हंसवाहिन्यै नमः Haṁsavāhinyai | हंस पर सवारी करने वाली |
| 25 | ॐ हंसिकायै नमः Haṁsikāyai | हंस रूपा |
| 26 | ॐ शुभ्रायै नमः Śubhrāyai | उज्ज्वल, श्वेत |
| 27 | ॐ ब्रह्मसंस्तुतायै नमः Brahmasaṁstutāyai | ब्रह्मा द्वारा स्तुत |
| 28 | ॐ सर्वलोकप्रियायै नमः Sarvalōkapriyāyai | सभी लोकों की प्रिय |
| 29 | ॐ गायत्र्यै नमः Gāyatryai | गायत्री स्वरूपा |
| 30 | ॐ कमलायै नमः Kamalāyai | कमल स्वरूपा |
| 31 | ॐ कमलासनस्थायै नमः Kamalāsanasthāyai | कमल पर विराजमान |
| 32 | ॐ सदानन्दायै नमः Sadānandāyai | सदा आनन्दमयी |
| 33 | ॐ सर्वविद्यालयवासिन्यै नमः Sarvavidyālayavāsinyai | सभी विद्यालयों में निवास करने वाली |
| 34 | ॐ सर्वशास्त्रार्थवेदिन्यै नमः Sarvaśāstrārthavedinyai | सभी शास्त्रों के अर्थ जानने वाली |
| 35 | ॐ कल्याण्यै नमः Kalyāṇyai | कल्याणकारी |
| 36 | ॐ चन्द्रकान्तायै नमः Candrakāntāyai | चन्द्रमा के समान कान्ति वाली |
| 37 | ॐ चन्द्रवदनायै नमः Candravadanāyai | चन्द्रमा जैसे मुख वाली |
| 38 | ॐ चन्द्रलेखाविभूषितायै नमः Candralekhāvibhūṣitāyai | चन्द्र रेखा से सुशोभित |
| 39 | ॐ महालक्ष्म्यै नमः Mahālakṣmyai | महालक्ष्मी स्वरूपा |
| 40 | ॐ महाप्रभायै नमः Mahāprabhāyai | महान प्रभा (तेज) वाली |
| 41 | ॐ वाग्देव्यै नमः Vāgdēvyai | वाणी की देवी |
| 42 | ॐ वरदायै नमः Varadāyai | वरदान देने वाली |
| 43 | ॐ वरारोहायै नमः Varārōhāyai | सुन्दर आकृति वाली |
| 44 | ॐ मधुश्रवायै नमः Madhuśravāyai | मधुर वाणी वाली |
| 45 | ॐ विराज्यै नमः Virājyai | प्रकाशमान, दीप्तिमान |
| 46 | ॐ प्रसन्नवदनायै नमः Prasannavadanāyai | प्रसन्न मुख वाली |
| 47 | ॐ प्रभावत्यै नमः Prabhāvatyai | प्रभावशाली, तेजस्विनी |
| 48 | ॐ कान्त्यै नमः Kāntyai | कान्ति स्वरूपा |
| 49 | ॐ कामरूपायै नमः Kāmarūpāyai | इच्छानुसार रूप धारण करने वाली |
| 50 | ॐ महाश्वेतायै नमः Mahāśvētāyai | अत्यन्त श्वेत |
| 51 | ॐ महाबलायै नमः Mahābalāyai | महान बल वाली |
| 52 | ॐ भोगदायै नमः Bhōgadāyai | भोग प्रदान करने वाली |
| 53 | ॐ भारत्यै नमः Bhāratyai | भारती देवी |
| 54 | ॐ भामायै नमः Bhāmāyai | दीप्तिमती, तेजस्वी |
| 55 | ॐ गोविन्दायै नमः Gōvindāyai | वैदिक ज्ञान (गो) प्रदायिनी |
| 56 | ॐ बुद्धिदायिन्यै नमः Buddhidāyinyai | बुद्धि प्रदान करने वाली |
| 57 | ॐ सर्वाधारायै नमः Sarvādhārāyai | सबका आधार |
| 58 | ॐ सर्वगतायै नमः Sarvagatāyai | सर्वत्र विद्यमान |
| 59 | ॐ सर्ववागीश्वरेश्वर्यै नमः Sarvavāgīśvareśvaryai | सभी वाक्पतियों की ईश्वरी |
| 60 | ॐ विश्वेश्वर्यै नमः Viśveśvaryai | विश्व की ईश्वरी |
| 61 | ॐ जगतीप्रियायै नमः Jagatīpriyāyai | जगत की प्रिय |
| 62 | ॐ वागीशायै नमः Vāgīśāyai | वाणी की ईश |
| 63 | ॐ ब्रह्मविद्यायै नमः Brahmavidyāyai | ब्रह्मविद्या स्वरूपा |
| 64 | ॐ महाविद्यायै नमः Mahāvidyāyai | महाविद्या |
| 65 | ॐ सुशीलायै नमः Suśīlāyai | उत्तम शील वाली |
| 66 | ॐ सुवेषायै नमः Suvēṣāyai | सुन्दर वेषभूषा वाली |
| 67 | ॐ रूपरञ्जिन्यै नमः Rūparañjinyai | रूप से मन मोहने वाली |
| 68 | ॐ शबलायै नमः Śabalāyai | विविध शक्ति वाली |
| 69 | ॐ सरसवत्यै नमः Sarasavatyai | ज्ञान रस से परिपूर्ण |
| 70 | ॐ समायै नमः Samāyai | समभाव वाली |
| 71 | ॐ सर्वात्मिकायै नमः Sarvātmikāyai | सबकी आत्मा स्वरूपा |
| 72 | ॐ शाश्वत्यै नमः Śāśvatyai | शाश्वत, सनातनी |
| 73 | ॐ रत्नगर्भायै नमः Ratnagarbhāyai | रत्न (ज्ञानरत्न) से परिपूर्ण |
| 74 | ॐ श्रुतिप्रियायै नमः Śrutipriyāyai | वेदों की प्रिय |
| 75 | ॐ अनघायै नमः Anaghāyai | पापरहित |
| 76 | ॐ मधुमत्यै नमः Madhumatyai | मधुर, मधुमयी |
| 77 | ॐ मणिगणखचितायै नमः Maṇigaṇakhacitāyai | मणियों के समूह से सुशोभित |
| 78 | ॐ नित्यायै नमः Nityāyai | नित्य, शाश्वत |
| 79 | ॐ शुद्धायै नमः Śuddhāyai | शुद्ध, पवित्र |
| 80 | ॐ बुद्ध्यै नमः Buddhyai | बुद्धि स्वरूपा |
| 81 | ॐ मेधायै नमः Mēdhāyai | मेधा (स्मरणशक्ति) स्वरूपा |
| 82 | ॐ प्रज्ञायै नमः Prajñāyai | प्रज्ञा स्वरूपा |
| 83 | ॐ धारणायै नमः Dhāraṇāyai | धारणा शक्ति स्वरूपा |
| 84 | ॐ स्मृत्यै नमः Smṛtyai | स्मृति स्वरूपा |
| 85 | ॐ मतिदायिन्यै नमः Matidāyinyai | मति (विचारशक्ति) देने वाली |
| 86 | ॐ पुण्यकीर्त्यै नमः Puṇyakīrtyai | पुण्य कीर्ति वाली |
| 87 | ॐ पुण्यदायिन्यै नमः Puṇyadāyinyai | पुण्य प्रदान करने वाली |
| 88 | ॐ तुरीयायै नमः Turīyāyai | तुरीय (चतुर्थ) अवस्था स्वरूपा |
| 89 | ॐ ब्रह्मरूपायै नमः Brahmarūpāyai | ब्रह्म स्वरूपा |
| 90 | ॐ परमेश्वर्यै नमः Paramēśvaryai | परम ईश्वरी |
| 91 | ॐ पद्मनिलयायै नमः Padmanilayāyai | कमल में निवास करने वाली |
| 92 | ॐ पद्माक्ष्यै नमः Padmākṣyai | कमल नेत्रों वाली |
| 93 | ॐ पद्मवक्त्रायै नमः Padmavaktrāyai | कमल मुख वाली |
| 94 | ॐ शिवानुजायै नमः Śivānujāyai | शिव (कल्याण) के अनुगामिनी |
| 95 | ॐ मृगाङ्कायै नमः Mṛgāṅkāyai | चन्द्रमा के समान सुन्दर |
| 96 | ॐ अमलायै नमः Amalāyai | निर्मल, मलरहित |
| 97 | ॐ अमृतायै नमः Amṛtāyai | अमृत स्वरूपा |
| 98 | ॐ अनन्तायै नमः Anantāyai | अनन्त, असीम |
| 99 | ॐ अव्ययायै नमः Avyayāyai | अविनाशी |
| 100 | ॐ अक्षरायै नमः Akṣarāyai | अक्षर स्वरूपा, अविनाशी |
| 101 | ॐ ज्ञानदायिन्यै नमः Jñānadāyinyai | ज्ञान प्रदान करने वाली |
| 102 | ॐ ज्ञानरूपायै नमः Jñānarūpāyai | ज्ञान स्वरूपा |
| 103 | ॐ निखिलेश्वर्यै नमः Nikhilēśvaryai | समस्त जगत की ईश्वरी |
| 104 | ॐ हंसरूपायै नमः Haṁsarūpāyai | हंस रूप वाली |
| 105 | ॐ हंसगतये नमः Haṁsagatayē | हंस जैसी चाल वाली |
| 106 | ॐ मोक्षदायिन्यै नमः Mōkṣadāyinyai | मोक्ष प्रदान करने वाली |
| 107 | ॐ सर्वमन्त्रस्वरूपायै नमः Sarvamantrasvarūpāyai | सभी मन्त्रों के स्वरूप वाली |
| 108 | ॐ सर्वस्वरूपायै नमः Sarvasvarūpāyai | सर्वस्वरूपा, सबका रूप |
पूजा विधि
1 Sankalpa (Intention)
(संकल्प)
Sankalpa (Intention)
(संकल्प)दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, तिथि और पूजा का संकल्प लें।
2 Dhyanam (Meditation)
(ध्यानम्)
Dhyanam (Meditation)
(ध्यानम्)आँखें बंद करके श्वेत कमल पर विराजमान, श्वेत वस्त्र धारिणी, वीणा और पुस्तक धारण किए माँ सरस्वती का ध्यान करें।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
Ya kundendu tusharaharadhavala ya shubhravastraavrita
3 Avahana (Invocation)
(आवाहनम्)
Avahana (Invocation)
(आवाहनम्)हाथ जोड़कर श्वेत पुष्प अर्पित करते हुए माँ सरस्वती का आवाहन करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। आवाहयामि।
4 Asana (Seat)
(आसनम्)
Asana (Seat)
(आसनम्)देवी को आसन (पुष्प/अक्षत) अर्पित करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। आसनं समर्पयामि।
5 Padya (Foot Wash)
(पाद्यम्)
Padya (Foot Wash)
(पाद्यम्)देवी के चरण धोने के लिए जल अर्पित करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। पाद्यं समर्पयामि।
6 Arghya (Offering)
(अर्घ्यम्)
Arghya (Offering)
(अर्घ्यम्)दोनों हाथों से कुमकुम और अक्षत मिश्रित जल का अर्घ्य दें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। अर्घ्यं समर्पयामि।
7 Achamaniya (Sipping Water)
(आचमनीयम्)
Achamaniya (Sipping Water)
(आचमनीयम्)आचमन के लिए जल अर्पित करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। आचमनीयं समर्पयामि।
8 Snana / Abhisheka (Bathing)
(स्नानम् / अभिषेकम्)
Snana / Abhisheka (Bathing)
(स्नानम् / अभिषेकम्)माँ सरस्वती की मूर्ति पर जल, दूध, दही, मधु और घी (पंचामृत) से अभिषेक करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। स्नानं समर्पयामि।
9 Vastra (Clothing)
(वस्त्रम्)
Vastra (Clothing)
(वस्त्रम्)श्वेत वस्त्र अर्पित करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। वस्त्रं समर्पयामि।
10 Yajnopavita (Sacred Thread)
(यज्ञोपवीतम्) Optional
Yajnopavita (Sacred Thread)
(यज्ञोपवीतम्) Optionalयह चरण सामान्यतः देवी पूजा में लागू नहीं होता।
11 Gandha (Sandalwood Paste)
(गन्धम्)
Gandha (Sandalwood Paste)
(गन्धम्)श्वेत चन्दन का लेप लगाएं।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। गन्धं समर्पयामि।
12 Akshata (Unbroken Rice)
(अक्षताः)
Akshata (Unbroken Rice)
(अक्षताः)अक्षत (साबूत चावल) अर्पित करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। अक्षतान् समर्पयामि।
13 Pushpa (Flowers)
(पुष्पम्)
Pushpa (Flowers)
(पुष्पम्)श्वेत पुष्प अर्पित करें। पुस्तकें और कलम देवी के समीप रखें। सरस्वती पूजा में श्वेत पुष्प विशेष रूप से पवित्र माने जाते हैं।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। पुष्पं समर्पयामि।
14 Dhupa (Incense)
(धूपम्)
Dhupa (Incense)
(धूपम्)अगरबत्ती या धूप जलाकर देवी के सम्मुख करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। धूपं आघ्रापयामि।
15 Deepa (Lamp)
(दीपम्)
Deepa (Lamp)
(दीपम्)घी या तेल का दीपक जलाकर देवी के सम्मुख करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। दीपं दर्शयामि।
16 Naivedya (Food Offering)
(नैवेद्यम्)
Naivedya (Food Offering)
(नैवेद्यम्)फल, मिठाई (विशेषकर श्वेत मिठाई) या भोजन का नैवेद्य अर्पित करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। नैवेद्यं समर्पयामि।
17 Tambula (Betel Leaf)
(ताम्बूलम्) Optional
Tambula (Betel Leaf)
(ताम्बूलम्) Optionalपान और सुपारी अर्पित करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। ताम्बूलं समर्पयामि।
18 Dakshina (Offering)
(दक्षिणा) Optional
Dakshina (Offering)
(दक्षिणा) Optionalदक्षिणा स्वरूप सिक्का या अर्पण रखें।
19 108 Names Chanting
(नामार्चना)
108 Names Chanting
(नामार्चना)माँ सरस्वती के 108 नामों का जप करें, प्रत्येक नाम के साथ एक श्वेत पुष्प या अक्षत अर्पित करें।
ॐ सरस्वत्यै नमः, ॐ महाभद्रायै नमः...
20 Concluding Prayer
(प्रार्थना)
Concluding Prayer
(प्रार्थना)अंत में प्रार्थना करें और देवी से विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद माँगें।
21 Aarti
(आरती)
Aarti
(आरती)दीपक से आरती करें।
22 Pradakshina and Namaskara
(प्रदक्षिणा / नमस्कार)
Pradakshina and Namaskara
(प्रदक्षिणा / नमस्कार)देवी की परिक्रमा करें और साष्टांग नमस्कार करें।
23 Kshama Prarthana (Apology)
(क्षमा प्रार्थना)
Kshama Prarthana (Apology)
(क्षमा प्रार्थना)पूजा में हुई किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।
मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि। यत्पूजितं मया देवि परिपूर्णं तदस्तु मे॥
Mantraheenam kriyaheenam bhaktiheenam Sureshvari, yat pujitam maya devi paripurnam tadastu me.
24 Visarjana (Send-off)
(विसर्जनम्) Optional
Visarjana (Send-off)
(विसर्जनम्) Optionalदेवी से विदाई की प्रार्थना करें, साथ ही हृदय में सदा विराजमान रहने की प्रार्थना करें।
ॐ श्रीसरस्वत्यै नमः। यथास्थानं प्रतिष्ठापयामि।
स्रोत: सरस्वती स्तोत्र, ब्रह्माण्ड पुराण एवं अन्य देवी ग्रन्थों से संकलित। विभिन्न स्रोतों में नामों के क्रम में अन्तर हो सकता है।
यह पाठ सर्वमान्य (universal) परम्परा पर आधारित है और सभी सम्प्रदायों में स्वीकार्य है।