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वेद पथ

कृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली

श्री कृष्ण

समीक्षाधीन

परिचय

भगवान श्री कृष्ण के 108 पवित्र नामों का संकलन। प्रत्येक नाम कृष्ण के एक विशेष गुण, रूप या लीला का बोध कराता है। इन नामों का श्रद्धापूर्वक जप करने से भक्त को श्री कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।

महत्त्व

कृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ भगवान कृष्ण की उपासना का एक प्रमुख अंग है। यह पाठ सभी वैष्णव भक्तों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रत्येक नाम का जप करते हुए पुष्प या तुलसी दल अर्पित किया जाता है।

कब पढ़ें

जन्माष्टमी, एकादशी, पूर्णिमा, या किसी भी कृष्ण पूजा के अवसर पर। प्रातःकाल या सन्ध्या काल में पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।

लाभ

  • मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति
  • सभी पापों का नाश और कर्मबन्धन से मुक्ति
  • भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा और प्रेम
  • भय, शोक और दुःखों का निवारण
उच्चारण मार्गदर्शन: प्रत्येक नाम 'ॐ' से आरम्भ होता है और 'नमः' से समाप्त होता है। नाम चतुर्थी विभक्ति (दात्यर्थक) में हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: नामों का क्रम और उच्चारण सम्प्रदाय, क्षेत्र और पारिवारिक परम्परा के अनुसार भिन्न हो सकता है। कृपया अपने गुरु या कुल परम्परा का अनुसरण करें।
पाठ और क्रम सम्प्रदाय अनुसार भिन्न हो सकते हैं; कृपया अपने गुरु, पारिवारिक परम्परा या मन्दिर की परम्परा का अनुसरण करें।

108 नाम

प्रदर्शन:
# मंत्र अर्थ
1
ॐ कृष्णाय नमः
Kṛṣṇāya
श्याम वर्ण, सर्वाकर्षक
2
ॐ केशवाय नमः
Kēśavāya
सुन्दर केशों वाले; केशी दैत्य का वध करने वाले
3
ॐ गोविन्दाय नमः
Gōvindāya
गौ-रक्षक; वेदों को प्राप्त करने वाले
4
ॐ गोपालाय नमः
Gōpālāya
गौ-पालक, ग्वाला
5
ॐ माधवाय नमः
Mādhavāya
लक्ष्मी के पति; मधु वंशी
6
ॐ वासुदेवाय नमः
Vāsudēvāya
वसुदेव के पुत्र; सर्वव्यापी
7
ॐ विष्णवे नमः
Viṣṇavē
सर्वव्यापी भगवान विष्णु
8
ॐ मधुसूदनाय नमः
Madhusūdanāya
मधु दैत्य का वध करने वाले
9
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
Trivikramāya
तीन पगों से तीनों लोक नापने वाले
10
ॐ वामनाय नमः
Vāmanāya
वामन (बौने) अवतार
11
ॐ श्रीधराय नमः
Śrīdharāya
श्री (लक्ष्मी) को धारण करने वाले
12
ॐ हृषीकेशाय नमः
Hṛṣīkēśāya
इन्द्रियों के स्वामी
13
ॐ पद्मनाभाय नमः
Padmanābhāya
कमल नाभि वाले
14
ॐ दामोदराय नमः
Dāmōdarāya
उदर में रस्सी से बँधे हुए (यशोदा द्वारा)
15
ॐ सङ्कर्षणाय नमः
Saṅkarṣaṇāya
सबको आकर्षित करने वाले
16
ॐ प्रद्युम्नाय नमः
Pradyumnāya
अत्यन्त बलवान; कृष्ण के पुत्र
17
ॐ अनिरुद्धाय नमः
Aniruddhāya
जिन्हें कोई रोक न सके
18
ॐ पुरुषोत्तमाय नमः
Puruṣōttamāya
पुरुषों में उत्तम
19
ॐ अधोक्षजाय नमः
Adhōkṣajāya
इन्द्रियातीत
20
ॐ नारसिंहाय नमः
Nārasiṁhāya
नरसिंह अवतार
21
ॐ अच्युताय नमः
Acyutāya
अविनाशी, जो कभी च्युत न हों
22
ॐ जनार्दनाय नमः
Janārdanāya
दुष्टों को दण्ड देने वाले
23
ॐ उपेन्द्राय नमः
Upēndrāya
इन्द्र के अनुज (वामन रूप में)
24
ॐ हरये नमः
Harayē
पापों को हरने वाले
25
ॐ श्रीकृष्णाय नमः
Śrīkṛṣṇāya
श्री सम्पन्न कृष्ण
26
ॐ देवकीनन्दनाय नमः
Dēvakīnandanāya
देवकी के पुत्र
27
ॐ यशोदावत्सलाय नमः
Yaśōdāvatsalāya
यशोदा के लाडले
28
ॐ नन्दगोपप्रियात्मजाय नमः
Nandagōpapriyātmajāya
नन्द गोप के प्रिय पुत्र
29
ॐ वृन्दावनचराय नमः
Vṛndāvanacarāya
वृन्दावन में विहार करने वाले
30
ॐ मथुरानाथाय नमः
Mathurānāthāya
मथुरा के स्वामी
31
ॐ द्वारकानायकाय नमः
Dvārakānāyakāya
द्वारका के नायक
32
ॐ बालगोपालाय नमः
Bālagōpālāya
बाल ग्वाला
33
ॐ गोपीवल्लभाय नमः
Gōpīvallabhāya
गोपियों के प्रिय
34
ॐ नवनीतनवनाथाय नमः
Navanītanavanāthāya
नवनीत (मक्खन) के प्रिय
35
ॐ पूतनान्तकाय नमः
Pūtanāntakāya
पूतना राक्षसी का वध करने वाले
36
ॐ शकटासुरभञ्जनाय नमः
Śakaṭāsurabhañjanāya
शकटासुर को तोड़ने वाले
37
ॐ कालियफणिमर्दनाय नमः
Kāliyaphaṇimardanāya
कालिय नाग को दमन करने वाले
38
ॐ गोवर्धनोद्धारिणे नमः
Gōvardhanōddhāriṇē
गोवर्धन पर्वत उठाने वाले
39
ॐ कंसविध्वंसकाय नमः
Kaṁsavidhvaṁsakāya
कंस का विनाश करने वाले
40
ॐ मुरलीधराय नमः
Muralīdharāya
मुरली धारण करने वाले
41
ॐ वेणुगोपालाय नमः
Vēṇugōpālāya
वेणु (बांसुरी) बजाने वाले गोपाल
42
ॐ पीताम्बराय नमः
Pītāmbarāya
पीले वस्त्र धारण करने वाले
43
ॐ मयूरपिच्छधारिणे नमः
Mayūrapicchaadhāriṇē
मोर पंख धारण करने वाले
44
ॐ चक्रपाणये नमः
Cakrapāṇayē
सुदर्शन चक्र धारी
45
ॐ गदाधराय नमः
Gadādharāya
गदा (कौमोदकी) धारण करने वाले
46
ॐ शार्ङ्गपाणये नमः
Śārṅgapāṇayē
शार्ङ्ग धनुष धारी
47
ॐ नरकान्तकाय नमः
Narakāntakāya
नरकासुर का वध करने वाले
48
ॐ जगत्पतये नमः
Jagatpatayē
जगत के स्वामी
49
ॐ रुक्मिणीवल्लभाय नमः
Rukmiṇīvallabhāya
रुक्मिणी के प्रिय
50
ॐ सत्यभामाप्रियाय नमः
Satyabhāmāpriyāya
सत्यभामा के प्रिय
51
ॐ राधावल्लभाय नमः
Rādhāvallabhāya
राधा के प्रिय
52
ॐ अनन्ताय नमः
Anantāya
अनन्त, असीम
53
ॐ मुकुन्दाय नमः
Mukundāya
मुक्ति देने वाले
54
ॐ गरुडध्वजाय नमः
Garuḍadhvajāya
गरुड़ ध्वज वाले
55
ॐ लक्ष्मीपतये नमः
Lakṣmīpatayē
लक्ष्मी के पति
56
ॐ मुरारये नमः
Murārayē
मुर दैत्य के शत्रु
57
ॐ पार्थसारथये नमः
Pārthasārathayē
अर्जुन (पार्थ) के सारथी
58
ॐ गीताचार्याय नमः
Gītācāryāya
भगवद्गीता के आचार्य
59
ॐ योगेश्वराय नमः
Yōgēśvarāya
योग के ईश्वर
60
ॐ विश्वरूपाय नमः
Viśvarūpāya
विश्वरूप दर्शन देने वाले
61
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
Bhaktavatsalāya
भक्तों पर कृपालु
62
ॐ शौरये नमः
Śaurayē
शूर वंशी
63
ॐ चतुर्भुजाय नमः
Caturbhujāya
चार भुजाओं वाले
64
ॐ रासलीलाविहारिणे नमः
Rāsalīlāvihāriṇē
रासलीला विहार करने वाले
65
ॐ यदुनन्दनाय नमः
Yadunandanāya
यदुवंश के आनन्द
66
ॐ श्यामसुन्दराय नमः
Śyāmasundarāya
श्याम वर्ण सुन्दर
67
ॐ मनमोहनाय नमः
Manamōhanāya
मन को मोहित करने वाले
68
ॐ कुञ्जविहारिणे नमः
Kuñjavihāriṇē
कुंजों में विहार करने वाले
69
ॐ नागदमनाय नमः
Nāgadamanāya
नागों का दमन करने वाले
70
ॐ बलरामानुजाय नमः
Balarāmānujāya
बलराम के अनुज
71
ॐ सुभद्राभ्रात्रे नमः
Subhadrābhrātrē
सुभद्रा के भाई
72
ॐ विद्याधराय नमः
Vidyādharāya
विद्या के धारक
73
ॐ श्रीवत्साङ्काय नमः
Śrīvatsāṅkāya
श्रीवत्स चिह्न धारी
74
ॐ कौस्तुभधराय नमः
Kaustubhadharāya
कौस्तुभ मणि धारण करने वाले
75
ॐ वनमालिने नमः
Vanamālinē
वनमाला धारण करने वाले
76
ॐ पाञ्चजन्यधराय नमः
Pāñcajanyadharāya
पांचजन्य शंख धारी
77
ॐ परमात्मने नमः
Paramātmanē
परम आत्मा
78
ॐ परब्रह्मणे नमः
Parabrahmaṇē
परम ब्रह्म
79
ॐ सर्वेश्वराय नमः
Sarvēśvarāya
सभी के ईश्वर
80
ॐ सर्वज्ञाय नमः
Sarvajñāya
सर्वज्ञ
81
ॐ क्षीरसागरशायिने नमः
Kṣīrasāgaraśāyinē
क्षीर सागर पर शयन करने वाले
82
ॐ जगन्नाथाय नमः
Jagannāthāya
जगत के नाथ
83
ॐ अनादिनिधनाय नमः
Anādinidhānaya
अनादि और अनन्त
84
ॐ श्रीपतये नमः
Śrīpatayē
श्री (लक्ष्मी) के पति
85
ॐ सत्यव्रताय नमः
Satyavratāya
सत्य व्रत धारी
86
ॐ सत्यसङ्कल्पाय नमः
Satyasaṅkalpāya
सत्य संकल्प वाले
87
ॐ सर्वभूतात्मने नमः
Sarvabhūtātmanē
सभी प्राणियों की आत्मा
88
ॐ धर्माध्यक्षाय नमः
Dharmādhyakṣāya
धर्म के अध्यक्ष
89
ॐ करुणासागराय नमः
Karuṇāsāgarāya
करुणा के सागर
90
ॐ सुदर्शनधराय नमः
Sudarśanadharāya
सुदर्शन चक्र धारी
91
ॐ विश्वम्भराय नमः
Viśvambharāya
विश्व का भरण-पोषण करने वाले
92
ॐ कमलनयनाय नमः
Kamalnayaṇāya
कमल के समान नेत्रों वाले
93
ॐ गोपीजनप्रियाय नमः
Gōpījanapriyāya
गोपियों के प्रिय
94
ॐ रणछोड़राय नमः
Raṇachōḍarāya
रणभूमि छोड़ने वाले (जरासन्ध से)
95
ॐ द्वारकाधीशाय नमः
Dvārakādhīśāya
द्वारका के अधीश्वर
96
ॐ कृतघ्नघ्नाय नमः
Kṛtaghnaghnāya
कृतघ्नता का नाश करने वाले
97
ॐ अव्ययाय नमः
Avyayāya
अविनाशी
98
ॐ मधुराधिपतये नमः
Madhurādhipatayē
मथुरा के अधिपति
99
ॐ शिशुपालवधकारिणे नमः
Śiśupālavadhaakāriṇē
शिशुपाल का वध करने वाले
100
ॐ सुदामप्रियाय नमः
Sudāmapriyāya
सुदामा के प्रिय मित्र
101
ॐ द्रौपदीरक्षकाय नमः
Draupadīrakṣakāya
द्रौपदी की रक्षा करने वाले
102
ॐ भीष्मस्तुतये नमः
Bhīṣmastutayē
भीष्म द्वारा स्तुत
103
ॐ जगद्गुरवे नमः
Jagadguravē
जगत के गुरु
104
ॐ सर्वपापहराय नमः
Sarvapāpaharāya
सभी पापों को हरने वाले
105
ॐ सर्वशक्तिमते नमः
Sarvaśaktimatē
सभी शक्तियों से युक्त
106
ॐ सर्वमङ्गलाय नमः
Sarvamaṅgalāya
सभी मङ्गलों के स्वरूप
107
ॐ सर्वकारणकारणाय नमः
Sarvakāraṇakāraṇāya
सभी कारणों के कारण
108
ॐ श्रीकृष्णपरब्रह्मणे नमः
Śrīkṛṣṇaparabrahmaṇē
परम ब्रह्म श्रीकृष्ण

पूजा विधि

1

Sankalpa (Intention)

(संकल्प)

दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, तिथि और पूजा का संकल्प लें।

2

Dhyanam (Meditation)

(ध्यानम्)

आँखें बंद करके कदम्ब वृक्ष के नीचे बांसुरी बजाते हुए, मोर पंख, पीताम्बर और कौस्तुभ मणि से सुशोभित श्रीकृष्ण का ध्यान करें।

कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्। वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥

Krishnam vande jagadgurum. Vasudevasutam devam Kamsachanuramardan. Devakiparamandam Krishnam vande jagadgurum.

3

Avahana (Invocation)

(आवाहनम्)

हाथ जोड़कर पुष्प अर्पित करते हुए भगवान कृष्ण का आवाहन करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। आवाहयामि।

4

Asana (Seat)

(आसनम्)

देवता को आसन (पुष्प/अक्षत) अर्पित करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। आसनं समर्पयामि।

Materials: akshataflowers
5

Padya (Foot Wash)

(पाद्यम्)

देवता के चरण धोने के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। पाद्यं समर्पयामि।

Materials: water
6

Arghya (Offering)

(अर्घ्यम्)

दोनों हाथों से कुमकुम और अक्षत मिश्रित जल का अर्घ्य दें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। अर्घ्यं समर्पयामि।

Materials: waterkumkumakshata
7

Achamaniya (Sipping Water)

(आचमनीयम्)

आचमन के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। आचमनीयं समर्पयामि।

Materials: water
8

Snana / Abhisheka (Bathing)

(स्नानम् / अभिषेकम्)

मूर्ति पर जल, दूध, दही, मधु और घी (पंचामृत) से अभिषेक करें। मक्खन विशेष रूप से अर्पित करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। स्नानं समर्पयामि।

Materials: watermilkcurdhoneygheebutter
Butter (makhan) is especially dear to Lord Krishna.
9

Vastra (Clothing)

(वस्त्रम्)

पीले वस्त्र (पीताम्बर) अर्पित करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। वस्त्रं समर्पयामि।

Materials: yellow cloth (pitambara)
10

Yajnopavita (Sacred Thread)

(यज्ञोपवीतम्) Optional

यज्ञोपवीत (जनेऊ) अर्पित करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। यज्ञोपवीतं समर्पयामि।

Materials: sacred thread
11

Gandha (Sandalwood Paste)

(गन्धम्)

चन्दन का लेप लगाएं।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। गन्धं समर्पयामि।

Materials: sandalwood paste
12

Akshata (Unbroken Rice)

(अक्षताः)

अक्षत (साबूत चावल) अर्पित करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। अक्षतान् समर्पयामि।

Materials: unbroken rice grains
13

Pushpa (Flowers)

(पुष्पम्)

तुलसी दल, कमल पुष्प और मोर पंख अर्पित करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। पुष्पं समर्पयामि।

Materials: tulsi leaveslotus flowerspeacock feather
14

Dhupa (Incense)

(धूपम्)

अगरबत्ती या धूप जलाकर देवता के सम्मुख करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। धूपं आघ्रापयामि।

Materials: incense sticks
15

Deepa (Lamp)

(दीपम्)

घी का दीपक जलाकर देवता के सम्मुख करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। दीपं दर्शयामि।

Materials: lampghee
16

Naivedya (Food Offering)

(नैवेद्यम्)

मक्खन, फल, पेड़ा, मिठाई और दूध से बने पदार्थों का नैवेद्य अर्पित करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। नैवेद्यं समर्पयामि।

Materials: butterfruitspedasweetsmilkwater
17

Tambula (Betel Leaf)

(ताम्बूलम्) Optional

पान और सुपारी अर्पित करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। ताम्बूलं समर्पयामि।

Materials: betel leavesbetel nut
18

Dakshina (Offering)

(दक्षिणा) Optional

दक्षिणा स्वरूप सिक्का या अर्पण रखें।

19

108 Names Chanting

(नामार्चना)

भगवान कृष्ण के 108 नामों का जप करें, प्रत्येक नाम के साथ एक तुलसी दल या पुष्प अर्पित करें।

ॐ कृष्णाय नमः, ॐ केशवाय नमः...

Materials: 108 tulsi leaves or flowers
This is the main archana. Tulsi leaves are especially sacred to Lord Krishna. Keep count using a mala or by counting leaves.
20

Concluding Prayer

(प्रार्थना)

अंत में प्रार्थना करें और देवता का आशीर्वाद माँगें।

21

Aarti

(आरती)

दीपक से आरती करें।

Materials: aarti lamp
22

Pradakshina and Namaskara

(प्रदक्षिणा / नमस्कार)

देवता की परिक्रमा करें और साष्टांग नमस्कार करें।

23

Kshama Prarthana (Apology)

(क्षमा प्रार्थना)

पूजा में हुई किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वर। यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे॥

Mantraheenam kriyaheenam bhaktiheenam Sureshwara, yat pujitam maya deva paripurnam tadastu me.

24

Visarjana (Send-off)

(विसर्जनम्) Optional

देवता से विदाई की प्रार्थना करें, साथ ही हृदय में सदा विराजमान रहने की प्रार्थना करें।

ॐ श्री कृष्णाय नमः। यथास्थानं प्रतिष्ठापयामि।

If worshipping a permanent murti at home, visarjana is typically not performed.

स्रोत: भागवत पुराण एवं अन्य वैष्णव ग्रन्थों से संकलित। विभिन्न स्रोतों में नामों के क्रम में अन्तर हो सकता है।

यह पाठ मुख्यतः वैष्णव परम्परा पर आधारित है।

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