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वेद पथ

कृष्ण चालीसा

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परिचय

कृष्ण चालीसा भगवान श्री कृष्ण की स्तुति में रचित एक भक्तिपूर्ण रचना है। इसमें कृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं, गोवर्धन धारण, कालिया दमन, कंस वध, महाभारत में अर्जुन को गीता का उपदेश तथा भक्तों पर कृपा की महिमा का वर्णन है। यह चालीसा सुन्दरदास जी द्वारा रचित मानी जाती है।

महत्व

कृष्ण चालीसा का नियमित पाठ भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति, मानसिक शान्ति और जीवन के समस्त संकटों से मुक्ति दिलाता है। जन्माष्टमी, एकादशी और बुधवार को इसका पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। इसके पाठ से अष्ट सिद्धि और नव निधि की प्राप्ति होती है।

पाठ विधि

कृष्ण चालीसा का पाठ प्रातःकाल या सन्ध्या को स्नान के पश्चात शुद्ध मन से करें। श्री कृष्ण के चित्र या मूर्ति के समक्ष तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर और चन्दन लगाकर श्रद्धापूर्वक पाठ प्रारम्भ करें।