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वेद पथ

शिव अष्टोत्तर शतनामावली

महादेव

समीक्षाधीन

परिचय

भगवान शिव के 108 पवित्र नामों का संकलन। प्रत्येक नाम शिव के एक विशेष गुण, रूप या लीला का बोध कराता है। इन नामों का श्रद्धापूर्वक जप करने से भक्त को शिव कृपा प्राप्त होती है।

महत्त्व

शिव अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ भगवान शिव की उपासना का एक प्रमुख अंग है। यह पाठ शिव भक्तों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रत्येक नाम का जप करते हुए पुष्प या अक्षत अर्पित किया जाता है।

कब पढ़ें

सोमवार, प्रदोष काल, महाशिवरात्रि, श्रावण मास, या किसी भी शिव पूजा के अवसर पर। प्रातःकाल या सन्ध्या काल में पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।

लाभ

  • मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति
  • पापों का नाश और जीवन में कल्याण
  • भगवान शिव की विशेष कृपा
  • रोग, भय और दुःखों का निवारण
उच्चारण मार्गदर्शन: प्रत्येक नाम 'ॐ' से आरम्भ होता है और 'नमः' से समाप्त होता है। नाम चतुर्थी विभक्ति (दात्यर्थक) में हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: नामों का क्रम और उच्चारण सम्प्रदाय, क्षेत्र और पारिवारिक परम्परा के अनुसार भिन्न हो सकता है। कृपया अपने गुरु या कुल परम्परा का अनुसरण करें।
पाठ और क्रम सम्प्रदाय अनुसार भिन्न हो सकते हैं; कृपया अपने गुरु, पारिवारिक परम्परा या मन्दिर की परम्परा का अनुसरण करें।

108 नाम

प्रदर्शन:
# मंत्र अर्थ
1
ॐ शिवाय नमः
Śivāya
कल्याणकारी, मंगलकारी
2
ॐ महेश्वराय नमः
Maheśvarāya
महान ईश्वर
3
ॐ शम्भवे नमः
Śambhave
सुख के स्रोत
4
ॐ पिनाकिने नमः
Pinākinē
पिनाक धनुष धारी
5
ॐ शशिशेखराय नमः
Śaśiśekharāya
मस्तक पर चन्द्रमा धारण करने वाले
6
ॐ वामदेवाय नमः
Vāmadevāya
सुन्दर देव
7
ॐ विरूपाक्षाय नमः
Virūpākṣāya
विचित्र नेत्र वाले (त्रिनेत्र)
8
ॐ कपर्दिने नमः
Kapardinē
जटाधारी
9
ॐ नीललोहिताय नमः
Nīlalōhitāya
नीले और लाल वर्ण वाले
10
ॐ शङ्कराय नमः
Śaṅkarāya
कल्याण करने वाले
11
ॐ शूलपाणये नमः
Śūlapāṇayē
त्रिशूल धारी
12
ॐ खट्वाङ्गिने नमः
Khaṭvāṅginē
खट्वांग धारण करने वाले
13
ॐ विष्णुवल्लभाय नमः
Viṣṇuvallabhāya
विष्णु के प्रिय
14
ॐ शिपिविष्टाय नमः
Śipiviṣṭāya
किरणों में व्याप्त
15
ॐ अम्बिकानाथाय नमः
Ambikānāthāya
अम्बिका (पार्वती) के स्वामी
16
ॐ श्रीकण्ठाय नमः
Śrīkaṇṭhāya
सुन्दर कण्ठ वाले
17
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
Bhaktavatsalāya
भक्तों पर कृपालु
18
ॐ भवाय नमः
Bhavāya
संसार के कारण
19
ॐ शर्वाय नमः
Śarvāya
पापों का नाश करने वाले
20
ॐ त्रिलोकेशाय नमः
Trilōkēśāya
तीनों लोकों के स्वामी
21
ॐ शितिकण्ठाय नमः
Śitikaṇṭhāya
नीले कण्ठ वाले (नीलकण्ठ)
22
ॐ शिवाप्रियाय नमः
Śivāpriyāya
शिवा (पार्वती) के प्रिय
23
ॐ उग्राय नमः
Ugrāya
उग्र, भयंकर रूप वाले
24
ॐ कपालिने नमः
Kapālinē
कपाल धारण करने वाले
25
ॐ कामारये नमः
Kāmārayē
कामदेव का नाश करने वाले
26
ॐ अन्धकासुरसूदनाय नमः
Andhakāsurasūdanāya
अन्धकासुर का वध करने वाले
27
ॐ गङ्गाधराय नमः
Gaṅgādharāya
गंगा को धारण करने वाले
28
ॐ ललाटाक्षाय नमः
Lalāṭākṣāya
ललाट पर नेत्र वाले
29
ॐ कालकालाय नमः
Kālakālāya
काल के भी काल (महाकाल)
30
ॐ कृपानिधये नमः
Kṛpānidhayē
कृपा के भण्डार
31
ॐ भीमाय नमः
Bhīmāya
भयंकर, विशाल
32
ॐ परशुहस्ताय नमः
Paraśuhastāya
हाथ में परशु (फरसा) धारण करने वाले
33
ॐ मृगपाणये नमः
Mṛgapāṇayē
हाथ में मृग धारण करने वाले
34
ॐ जटाधराय नमः
Jaṭādharāya
जटा धारण करने वाले
35
ॐ कैलासवासिने नमः
Kailāsavāsinē
कैलास पर्वत पर निवास करने वाले
36
ॐ कवचिने नमः
Kavacinē
कवच धारण करने वाले
37
ॐ कठोराय नमः
Kaṭhōrāya
कठोर, दृढ़
38
ॐ त्रिपुरान्तकाय नमः
Tripurāntakāya
त्रिपुर का नाश करने वाले
39
ॐ वृषाङ्काय नमः
Vṛṣāṅkāya
वृषभ (नन्दी) चिह्न वाले
40
ॐ वृषभारूढाय नमः
Vṛṣabhārūḍhāya
वृषभ (नन्दी) पर सवार
41
ॐ भस्मोद्धूलितविग्रहाय नमः
Bhasmōddhūlitavigrahāya
भस्म लगाए हुए शरीर वाले
42
ॐ सामप्रियाय नमः
Sāmapriyāya
सामवेद प्रेमी
43
ॐ स्वरमयाय नमः
Svaramayāya
स्वर-स्वरूप
44
ॐ त्रयीमूर्तये नमः
Trayīmūrtayē
तीन वेदों के स्वरूप
45
ॐ अनीश्वराय नमः
Anīśvarāya
जिनसे ऊपर कोई ईश्वर नहीं
46
ॐ सर्वज्ञाय नमः
Sarvajñāya
सब कुछ जानने वाले
47
ॐ परमात्मने नमः
Paramātmanē
परम आत्मा
48
ॐ सोमसूर्याग्निलोचनाय नमः
Sōmasūryāgnilōcanāya
चन्द्र, सूर्य और अग्नि नेत्र वाले
49
ॐ हविषे नमः
Haviṣē
हवि (आहुति) स्वरूप
50
ॐ यज्ञमयाय नमः
Yajñamayāya
यज्ञ स्वरूप
51
ॐ सोमाय नमः
Sōmāya
सोम (चन्द्रमा) स्वरूप
52
ॐ पञ्चवक्त्राय नमः
Pañcavaktrāya
पाँच मुख वाले
53
ॐ सदाशिवाय नमः
Sadāśivāya
सदा कल्याणकारी
54
ॐ विश्वेश्वराय नमः
Viśveśvarāya
विश्व के ईश्वर
55
ॐ वीरभद्राय नमः
Vīrabhadrāya
वीर और मंगलकारी
56
ॐ गणनाथाय नमः
Gaṇanāthāya
गणों के स्वामी
57
ॐ प्रजापतये नमः
Prajāpatayē
प्रजाओं के पालनकर्ता
58
ॐ हिरण्यरेतसे नमः
Hiraṇyarētasē
स्वर्ण बीज वाले
59
ॐ दुर्धर्षाय नमः
Durdharṣāya
जिन पर आक्रमण करना असम्भव
60
ॐ गिरीशाय नमः
Girīśāya
पर्वतों के स्वामी
61
ॐ गिरिशाय नमः
Giriśāya
पर्वत पर विराजने वाले
62
ॐ अनघाय नमः
Anaghāya
पापरहित
63
ॐ भुजङ्गभूषणाय नमः
Bhujaṅgabhūṣaṇāya
सर्पों को आभूषण रूप में धारण करने वाले
64
ॐ भर्गाय नमः
Bhargāya
तेजस्वी, प्रकाशमान
65
ॐ गिरिधन्विने नमः
Giridhanvinē
मेरु पर्वत को धनुष बनाने वाले
66
ॐ गिरिप्रियाय नमः
Giripriyāya
पर्वत प्रेमी
67
ॐ कृत्तिवाससे नमः
Kṛttivāsasē
गजचर्म धारी
68
ॐ पुराराताये नमः
Purārātāyē
पुरों (त्रिपुर) का शत्रु
69
ॐ भगवते नमः
Bhagavatē
भगवान, ऐश्वर्यवान
70
ॐ प्रमथाधिपाय नमः
Pramathādhipāya
प्रमथ गणों के अधिपति
71
ॐ मृत्युञ्जयाय नमः
Mṛtyuñjayāya
मृत्यु को जीतने वाले
72
ॐ सूक्ष्मतनवे नमः
Sūkṣmatanvē
सूक्ष्म शरीर वाले
73
ॐ जगद्व्यापिने नमः
Jagadvyāpinē
जगत में व्याप्त
74
ॐ जगद्गुरवे नमः
Jagadguravē
जगत के गुरु
75
ॐ व्योमकेशाय नमः
Vyōmakeśāya
आकाश रूपी केश वाले
76
ॐ महासेनजनकाय नमः
Mahāsēnajanakāya
कार्तिकेय (महासेन) के पिता
77
ॐ चारुविक्रमाय नमः
Cāruvikramāya
सुन्दर पराक्रम वाले
78
ॐ रुद्राय नमः
Rudrāya
भयंकर, रुद्र रूप
79
ॐ भूतपतये नमः
Bhūtapatayē
भूत-प्रेतों के स्वामी
80
ॐ स्थाणवे नमः
Sthāṇavē
स्थिर, अचल
81
ॐ अहिर्बुध्न्याय नमः
Ahirbudhnyāya
पाताल के सर्प रूप
82
ॐ दिगम्बराय नमः
Digambarāya
दिशाओं को वस्त्र रूप में धारण करने वाले
83
ॐ अष्टमूर्तये नमः
Aṣṭamūrtayē
आठ मूर्तियों वाले
84
ॐ अनेकात्मने नमः
Anēkātmanē
अनेक रूप वाले
85
ॐ सात्त्विकाय नमः
Sāttvikāya
सत्त्वगुण प्रधान
86
ॐ शुद्धविग्रहाय नमः
Śuddhavigrahāya
शुद्ध शरीर वाले
87
ॐ शाश्वताय नमः
Śāśvatāya
शाश्वत, सनातन
88
ॐ खण्डपरशवे नमः
Khaṇḍaparaśavē
खण्ड परशु धारी
89
ॐ अजाय नमः
Ajāya
जन्मरहित
90
ॐ पाशविमोचकाय नमः
Pāśavimōcakāya
बन्धनों से मुक्त करने वाले
91
ॐ मृडाय नमः
Mṛḍāya
दयालु, कृपालु
92
ॐ पशुपतये नमः
Paśupatayē
पशुओं (जीवों) के पति
93
ॐ देवाय नमः
Dēvāya
देदीप्यमान देव
94
ॐ महादेवाय नमः
Mahādēvāya
महान देव
95
ॐ अव्ययाय नमः
Avyayāya
अविनाशी
96
ॐ हरये नमः
Harayē
पापों और दुःखों को हरने वाले
97
ॐ पूषदन्तभिदे नमः
Pūṣadantabhidē
पूषन के दाँत तोड़ने वाले
98
ॐ अव्यग्राय नमः
Avyagrāya
अविचलित
99
ॐ दक्षाध्वरहराय नमः
Dakṣādhvaraharāya
दक्ष के यज्ञ का विनाश करने वाले
100
ॐ हराय नमः
Harāya
संहारकर्ता
101
ॐ भगनेत्रभिदे नमः
Bhaganētrabhidē
भग के नेत्र नष्ट करने वाले
102
ॐ अव्यक्ताय नमः
Avyaktāya
अव्यक्त, अप्रकट
103
ॐ सहस्राक्षाय नमः
Sahasrākṣāya
सहस्र नेत्र वाले
104
ॐ सहस्रपादाय नमः
Sahasrapādāya
सहस्र पाद वाले
105
ॐ अपवर्गप्रदाय नमः
Apavargapradāya
मोक्ष प्रदान करने वाले
106
ॐ अनन्ताय नमः
Anantāya
अनन्त, असीम
107
ॐ तारकाय नमः
Tārakāya
तारने वाले, उद्धारक
108
ॐ परमेश्वराय नमः
Paramēśvarāya
सर्वोच्च ईश्वर

पूजा विधि

1

Sankalpa (Intention)

(संकल्प)

दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, तिथि और पूजा का संकल्प लें।

2

Dhyanam (Meditation)

(ध्यानम्)

आँखें बंद करके कैलास पर्वत पर पद्मासन में विराजमान भगवान शिव और पार्वती का ध्यान करें।

ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसम्

Dhyayen nityam Mahesham rajatagirinibham charuchandravatamsam

3

Avahana (Invocation)

(आवाहनम्)

हाथ जोड़कर पुष्प अर्पित करते हुए भगवान शिव का आवाहन करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। आवाहयामि।

4

Asana (Seat)

(आसनम्)

देवता को आसन (पुष्प/अक्षत) अर्पित करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। आसनं समर्पयामि।

Materials: akshataflowers
5

Padya (Foot Wash)

(पाद्यम्)

देवता के चरण धोने के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। पाद्यं समर्पयामि।

Materials: water
6

Arghya (Offering)

(अर्घ्यम्)

दोनों हाथों से कुमकुम और अक्षत मिश्रित जल का अर्घ्य दें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। अर्घ्यं समर्पयामि।

Materials: waterkumkumakshata
7

Achamaniya (Sipping Water)

(आचमनीयम्)

आचमन के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। आचमनीयं समर्पयामि।

Materials: water
8

Snana / Abhisheka (Bathing)

(स्नानम् / अभिषेकम्)

शिवलिंग या मूर्ति पर जल, दूध, दही, मधु और घी (पंचामृत) से अभिषेक करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। स्नानं समर्पयामि।

Materials: watermilkcurdhoneyghee
For Shiva puja, Abhisheka with Panchamrit or water is central. Bilva leaves are especially sacred.
9

Vastra (Clothing)

(वस्त्रम्)

वस्त्र अर्पित करें या प्रतीकात्मक रूप में सूत रखें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। वस्त्रं समर्पयामि।

Materials: cloth or cotton thread
10

Yajnopavita (Sacred Thread)

(यज्ञोपवीतम्) Optional

यज्ञोपवीत (जनेऊ) अर्पित करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। यज्ञोपवीतं समर्पयामि।

Materials: sacred thread
Applicable mainly in Shaiva traditions. Some traditions skip this step for Shivalinga worship.
11

Gandha (Sandalwood Paste)

(गन्धम्)

चन्दन का लेप लगाएं।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। गन्धं समर्पयामि।

Materials: sandalwood paste
12

Akshata (Unbroken Rice)

(अक्षताः)

अक्षत (साबूत चावल) अर्पित करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। अक्षतान् समर्पयामि।

Materials: unbroken rice grains
13

Pushpa (Flowers)

(पुष्पम्)

पुष्प अर्पित करें, शिव पूजा में बिल्व पत्र विशेष रूप से अर्पित करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। पुष्पं समर्पयामि।

Materials: flowersbilva leaves
14

Dhupa (Incense)

(धूपम्)

अगरबत्ती या धूप जलाकर देवता के सम्मुख करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। धूपं आघ्रापयामि।

Materials: incense sticks
15

Deepa (Lamp)

(दीपम्)

घी या तेल का दीपक जलाकर देवता के सम्मुख करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। दीपं दर्शयामि।

Materials: lampghee or oil
16

Naivedya (Food Offering)

(नैवेद्यम्)

फल, मिठाई या भोजन का नैवेद्य अर्पित करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। नैवेद्यं समर्पयामि।

Materials: fruitssweetswater
17

Tambula (Betel Leaf)

(ताम्बूलम्) Optional

पान और सुपारी अर्पित करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। ताम्बूलं समर्पयामि।

Materials: betel leavesbetel nut
18

Dakshina (Offering)

(दक्षिणा) Optional

दक्षिणा स्वरूप सिक्का या अर्पण रखें।

19

108 Names Chanting

(नामार्चना)

भगवान शिव के 108 नामों का जप करें, प्रत्येक नाम के साथ एक पुष्प या अक्षत अर्पित करें।

ॐ शिवाय नमः, ॐ महेश्वराय नमः...

Materials: 108 flowers or akshata grains
This is the main archana. Keep count using a mala or by counting flowers.
20

Concluding Prayer

(प्रार्थना)

अंत में प्रार्थना करें और देवता का आशीर्वाद माँगें।

21

Aarti

(आरती)

दीपक से आरती करें।

Materials: aarti lamp
22

Pradakshina and Namaskara

(प्रदक्षिणा / नमस्कार)

देवता की परिक्रमा करें और साष्टांग नमस्कार करें।

For Shivalinga, pradakshina is done in a special way — not crossing the abhisheka channel (jalhari).
23

Kshama Prarthana (Apology)

(क्षमा प्रार्थना)

पूजा में हुई किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वर। यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे॥

Mantraheenam kriyaheenam bhaktiheenam Sureshwara, yat pujitam maya deva paripurnam tadastu me.

24

Visarjana (Send-off)

(विसर्जनम्) Optional

देवता से विदाई की प्रार्थना करें, साथ ही हृदय में सदा विराजमान रहने की प्रार्थना करें।

ॐ श्रीमहादेवाय नमः। यथास्थानं प्रतिष्ठापयामि।

If worshipping a permanent murti/linga at home, visarjana is typically not performed.

स्रोत: शिव पुराण एवं अन्य शैव ग्रन्थों से संकलित। विभिन्न स्रोतों में नामों के क्रम में अन्तर हो सकता है।

यह पाठ मुख्यतः शैव परम्परा पर आधारित है।

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