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वेद पथ

हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली

श्री हनुमान

समीक्षाधीन

परिचय

भगवान हनुमान के 108 पवित्र नामों का संकलन। प्रत्येक नाम हनुमान जी के एक विशेष गुण, रूप या लीला का बोध कराता है। इन नामों का श्रद्धापूर्वक जप करने से भक्त को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।

महत्त्व

हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ भगवान हनुमान की उपासना का एक प्रमुख अंग है। यह पाठ भय, रोग और बाधाओं के निवारण तथा शक्ति, साहस और भक्ति की प्राप्ति के लिए अत्यन्त फलदायी माना जाता है। प्रत्येक नाम का जप करते हुए पुष्प या अक्षत अर्पित किया जाता है।

कब पढ़ें

मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती, या किसी भी हनुमान पूजा के अवसर पर। प्रातःकाल या सन्ध्या काल में पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।

लाभ

  • भय, बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
  • शारीरिक बल, साहस और आत्मविश्वास की वृद्धि
  • भगवान हनुमान और श्री राम की विशेष कृपा
  • रोग, शनि-दोष और पीड़ाओं का निवारण
उच्चारण मार्गदर्शन: प्रत्येक नाम 'ॐ' से आरम्भ होता है और 'नमः' से समाप्त होता है। नाम चतुर्थी विभक्ति (दात्यर्थक) में हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: नामों का क्रम और उच्चारण सम्प्रदाय, क्षेत्र और पारिवारिक परम्परा के अनुसार भिन्न हो सकता है। कृपया अपने गुरु या कुल परम्परा का अनुसरण करें।
पाठ और क्रम सम्प्रदाय अनुसार भिन्न हो सकते हैं; कृपया अपने गुरु, पारिवारिक परम्परा या मन्दिर की परम्परा का अनुसरण करें।

108 नाम

प्रदर्शन:
# मंत्र अर्थ
1
ॐ हनुमते नमः
Hanumatē
बड़े जबड़े वाले
2
ॐ अञ्जनासूनवे नमः
Añjanāsūnavē
अंजना के पुत्र
3
ॐ वायुपुत्राय नमः
Vāyuputrāya
वायुदेव के पुत्र
4
ॐ महाबलाय नमः
Mahābalāya
महान बल वाले
5
ॐ रामेष्टाय नमः
Rāmēṣṭāya
श्रीराम के प्रिय
6
ॐ फाल्गुनसखाय नमः
Phālgunasakāya
अर्जुन (फाल्गुन) के सखा
7
ॐ पिङ्गाक्षाय नमः
Piṅgākṣāya
पीली आँखों वाले
8
ॐ अमितविक्रमाय नमः
Amitavikramāya
असीम पराक्रम वाले
9
ॐ उदधिक्रमणाय नमः
Udadhikramaṇāya
समुद्र लाँघने वाले
10
ॐ सीताशोकविनाशनाय नमः
Sītāśōkavināśanāya
सीता के शोक को दूर करने वाले
11
ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः
Lakṣmaṇaprāṇadātrē
लक्ष्मण के प्राण लौटाने वाले
12
ॐ दशग्रीवदर्पघ्नाय नमः
Daśagrīvadarpaghnāya
रावण के गर्व को नष्ट करने वाले
13
ॐ लङ्काविध्वंसकाय नमः
Laṅkāvidhvaṁsakāya
लंका का विध्वंस करने वाले
14
ॐ मारुतये नमः
Mārutayē
मरुत (वायुदेव) के पुत्र
15
ॐ केसरीनन्दनाय नमः
Kēsarīnandanāya
केसरी के पुत्र
16
ॐ बज्रङ्गबलिने नमः
Bajraṅgabalinē
वज्र के समान शरीर वाले बलशाली
17
ॐ सुग्रीवसचिवाय नमः
Sugrīvasacivāya
सुग्रीव के सचिव (मन्त्री)
18
ॐ कपीश्वराय नमः
Kapīśvarāya
वानरों के ईश्वर
19
ॐ महाकायाय नमः
Mahākāyāya
विशाल शरीर वाले
20
ॐ सर्वदुःखहराय नमः
Sarvaduḥkhaharāya
सभी दुःखों को हरने वाले
21
ॐ सर्वलोकचारिणे नमः
Sarvalōkacāriṇē
सभी लोकों में विचरण करने वाले
22
ॐ मनोजवाय नमः
Manōjavāya
मन के समान वेग वाले
23
ॐ पारिजातध्वंसिने नमः
Pārijātadhvaṁsinē
पारिजात वृक्ष को उखाड़ने वाले
24
ॐ सर्वमन्त्ररूपाय नमः
Sarvamantrарūpāya
सभी मन्त्रों के स्वरूप
25
ॐ सर्वतन्त्रस्वरूपाय नमः
Sarvatantrasvarūpāya
सभी तन्त्रों के स्वरूप
26
ॐ सर्वयन्त्रात्मकाय नमः
Sarvayantrātmakāya
सभी यन्त्रों की आत्मा
27
ॐ रामदूताय नमः
Rāmadūtāya
श्रीराम के दूत
28
ॐ प्रसन्नात्मने नमः
Prasannātmanē
प्रसन्न आत्मा वाले
29
ॐ शतकण्ठमर्दनाय नमः
Śatakaṇṭhamardanāya
शतकण्ठ (रावण) को मर्दित करने वाले
30
ॐ लङ्किणीभञ्जनाय नमः
Laṅkiṇībhañjanāya
लंकिनी को पराजित करने वाले
31
ॐ श्रीमते नमः
Śrīmatē
श्री सम्पन्न
32
ॐ सिंहिकाप्राणभञ्जनाय नमः
Siṁhikāprāṇabhañjanāya
सिंहिका के प्राण हरने वाले
33
ॐ गन्धमादनशैलस्थाय नमः
Gandhamādanaśailasthāya
गन्धमादन पर्वत उठाने वाले
34
ॐ लङ्कापुरविदाहकाय नमः
Laṅkāpuravidāhakāya
लंका नगरी को जलाने वाले
35
ॐ सुग्रीवसहायाय नमः
Sugrīvasahāyāya
सुग्रीव के सहायक
36
ॐ बालार्कसदृशाननाय नमः
Bālārkasadṛśānanāya
उदित सूर्य के समान मुख वाले
37
ॐ विभीषणप्रियाय नमः
Vibhīṣaṇapriyāya
विभीषण के प्रिय
38
ॐ धीराय नमः
Dhīrāya
धैर्यवान
39
ॐ शूराय नमः
Śūrāya
वीर, शूरवीर
40
ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः
Daityakulāntakāya
दैत्य कुल का नाश करने वाले
41
ॐ सुरार्चिताय नमः
Surārcitāya
देवताओं द्वारा पूजित
42
ॐ महातेजसे नमः
Mahātējasē
महान तेज वाले
43
ॐ रामचूडामणिप्रदाय नमः
Rāmacūḍāmaṇipradāya
श्रीराम को चूड़ामणि देने वाले
44
ॐ कामरूपिणे नमः
Kāmarūpiṇē
इच्छानुसार रूप धारण करने वाले
45
ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः
Piṅgalākṣāya
भूरी आँखों वाले
46
ॐ वार्धिमैनाकपूजिताय नमः
Vārdhimainākapūjitāya
समुद्र और मैनाक द्वारा सम्मानित
47
ॐ कबलीकृतमार्ताण्डमण्डलाय नमः
Kabalīkṛtamārtāṇḍamaṇḍalāya
सूर्य मण्डल को निगलने वाले
48
ॐ विजितेन्द्रियाय नमः
Vijitēndriyāya
इन्द्रियों को जीतने वाले
49
ॐ रामसुग्रीवसन्धानकर्त्रे नमः
Rāmasugrīvasandhānakartṛē
राम और सुग्रीव में मैत्री कराने वाले
50
ॐ महारावणमर्दनाय नमः
Mahārāvaṇamardanāya
महारावण को मर्दित करने वाले
51
ॐ स्फटिकाभाय नमः
Sphaṭikābhāya
स्फटिक के समान कान्ति वाले
52
ॐ वागधीशाय नमः
Vāgadhīśāya
वाणी के अधीश्वर
53
ॐ नवव्याकृतपण्डिताय नमः
Navavyākṛtapaṇḍitāya
नव व्याकरणों के पण्डित
54
ॐ चतुर्बाहवे नमः
Caturbāhavē
चार भुजाओं वाले
55
ॐ दीनबन्धवे नमः
Dīnabandhavē
दीनों के बन्धु
56
ॐ महात्मने नमः
Mahātmanē
महान आत्मा
57
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
Bhaktavatsalāya
भक्तों पर कृपालु
58
ॐ सञ्जीवननगाहर्त्रे नमः
Sañjīvananagāhartrē
संजीवनी पर्वत लाने वाले
59
ॐ शुचये नमः
Śucayē
पवित्र, शुद्ध
60
ॐ वाग्मिने नमः
Vāgminē
मधुरभाषी, वाक्चतुर
61
ॐ दृढव्रताय नमः
Dṛḍhavratāya
दृढ़ संकल्प वाले
62
ॐ कालनेमिप्रमथनाय नमः
Kālanēmipramathanāya
कालनेमि राक्षस का वध करने वाले
63
ॐ हरिमर्कटमर्कटाय नमः
Harimarkaṭamarkaṭāya
वानरों में श्रेष्ठ दिव्य वानर
64
ॐ दान्ताय नमः
Dāntāya
इन्द्रिय-निग्रही, संयमी
65
ॐ शान्ताय नमः
Śāntāya
शान्तस्वरूप
66
ॐ प्रसन्नात्मने नमः
Prasannātmanē
प्रसन्न चित्त वाले
67
ॐ शतकुम्भोपमप्रभाय नमः
Śatakumbhōpamaprabāya
शुद्ध स्वर्ण के समान कान्ति वाले
68
ॐ योगिने नमः
Yōginē
योगी, योग साधक
69
ॐ रामकथालोलाय नमः
Rāmakathālōlāya
श्रीराम की कथा में लीन
70
ॐ विजयाय नमः
Vijayāya
विजयी
71
ॐ जितक्रोधाय नमः
Jitakrōdhāya
क्रोध को जीतने वाले
72
ॐ जितामित्राय नमः
Jitāmitrāya
शत्रुओं को जीतने वाले
73
ॐ जानकीव्रतरक्षकाय नमः
Jānakīvratarakṣakāya
जानकी (सीता) के व्रत की रक्षा करने वाले
74
ॐ आर्ताय नमः
Ārtāya
पीड़ितों पर दयालु
75
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
Brahmacāriṇē
नैष्ठिक ब्रह्मचारी
76
ॐ जितवाते नमः
Jitavātē
वायु पर विजय प्राप्त करने वाले
77
ॐ ऋक्षवानरसंघातिने नमः
Ṛkṣavānarasaṁghātinē
भालुओं और वानरों की सेना के नायक
78
ॐ चित्तचैतन्यदाय नमः
Cittacaitanyadāya
चित्त को चेतना देने वाले
79
ॐ मायात्मने नमः
Māyātmanē
माया के स्वामी
80
ॐ भल्लूकेशाय नमः
Bhallūkēśāya
भालुओं के नायक
81
ॐ शोकनाशनाय नमः
Śōkanāśanāya
शोक का नाश करने वाले
82
ॐ परमानन्दाय नमः
Paramānandāya
परम आनन्दस्वरूप
83
ॐ परमपराक्रमिणे नमः
Paramaparākramiṇē
परम पराक्रमी
84
ॐ महापराक्रमाय नमः
Mahāparākramāya
महान पराक्रम वाले
85
ॐ प्राणदाय नमः
Prāṇadāya
प्राण देने वाले
86
ॐ सद्गतिप्रदाय नमः
Sadgatipradāya
सद्गति प्रदान करने वाले
87
ॐ गोपीकृतसमस्तेशाय नमः
Gōpīkṛtasamastēśāya
जिनके सामने सभी ईश्वर छिप जाएं
88
ॐ द्रोणनाशकाय नमः
Drōṇanāśakāya
द्रोणागिरि पर्वत को उखाड़ने वाले
89
ॐ अक्षहन्त्रे नमः
Akṣahantrē
अक्षयकुमार का वध करने वाले
90
ॐ सर्वशास्त्रार्थतत्त्वज्ञाय नमः
Sarvaśāstrārthatattvajñāya
सभी शास्त्रों के तत्त्व को जानने वाले
91
ॐ सूर्यबिम्बफलाशिने नमः
Sūryabimbaphalāśinē
सूर्य को फल समझ कर खाने वाले
92
ॐ रघूत्तमाय नमः
Raghūttamāya
रघुवंश श्रेष्ठ (राम) के सेवक
93
ॐ भक्ताभयप्रदाय नमः
Bhaktābhayapradāya
भक्तों को अभय प्रदान करने वाले
94
ॐ तेजसे नमः
Tējasē
तेज स्वरूप
95
ॐ अञ्जनेयाय नमः
Añjanēyāya
अंजना के पुत्र (आंजनेय)
96
ॐ महाद्युतये नमः
Mahādyutayē
महान कान्ति वाले
97
ॐ पञ्चवक्त्राय नमः
Pañcavaktrāya
पाँच मुख वाले (पंचमुखी हनुमान)
98
ॐ चिरञ्जीविने नमः
Cirañjīvinē
चिरंजीवी, अमर
99
ॐ ज्ञानसागराय नमः
Jñānasāgarāya
ज्ञान के सागर
100
ॐ ज्ञानदाय नमः
Jñānadāya
ज्ञान प्रदान करने वाले
101
ॐ महाविद्याय नमः
Mahāvidyāya
महा विद्वान
102
ॐ सिद्धिप्रदाय नमः
Siddhipradāya
सिद्धियाँ प्रदान करने वाले
103
ॐ बुद्धिमते नमः
Buddhimatē
बुद्धिमान
104
ॐ सन्मार्गदर्शकाय नमः
Sanmārgadarśakāya
सन्मार्ग दिखाने वाले
105
ॐ प्रभवे नमः
Prabhavē
प्रभु, शक्तिमान
106
ॐ अतुलितबलधामाय नमः
Atulitabaladhāmāya
अतुलनीय बल के धाम
107
ॐ सर्वमङ्गलकारकाय नमः
Sarvamaṅgalakārakāya
सभी मङ्गलों के कारक
108
ॐ रामभक्ताय नमः
Rāmabhaktāya
श्रीराम के परम भक्त

पूजा विधि

1

Sankalpa (Intention)

(संकल्प)

दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, तिथि और पूजा का संकल्प लें।

2

Dhyanam (Meditation)

(ध्यानम्)

आँखें बंद करके श्रीराम के सम्मुख हाथ जोड़कर बैठे हनुमान जी का ध्यान करें।

गोष्पदीकृतवारीशं मशकीकृतराक्षसम्। रामायणमहामालारत्नं वन्दे अनिलात्मजम्॥

Goshpadikritavarisham mashakikritarakshasam, Ramayanamamahamalaratnam vande anilatmajam.

3

Avahana (Invocation)

(आवाहनम्)

हाथ जोड़कर पुष्प अर्पित करते हुए हनुमान जी का आवाहन करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। आवाहयामि।

4

Asana (Seat)

(आसनम्)

देवता को आसन (पुष्प/अक्षत) अर्पित करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। आसनं समर्पयामि।

Materials: akshataflowers
5

Padya (Foot Wash)

(पाद्यम्)

देवता के चरण धोने के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। पाद्यं समर्पयामि।

Materials: water
6

Arghya (Offering)

(अर्घ्यम्)

दोनों हाथों से कुमकुम और अक्षत मिश्रित जल का अर्घ्य दें।

ॐ श्री हनुमते नमः। अर्घ्यं समर्पयामि।

Materials: waterkumkumakshata
7

Achamaniya (Sipping Water)

(आचमनीयम्)

आचमन के लिए जल अर्पित करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। आचमनीयं समर्पयामि।

Materials: water
8

Snana / Abhisheka (Bathing)

(स्नानम् / अभिषेकम्)

मूर्ति पर जल, दूध, दही, मधु और घी (पंचामृत) से अभिषेक करें। सिन्दूर और चमेली के तेल का लेप लगाएं।

ॐ श्री हनुमते नमः। स्नानं समर्पयामि।

Materials: watermilkcurdhoneygheesindoorjasmine oil
Sindoor and jasmine oil are especially sacred to Hanuman Ji.
9

Vastra (Clothing)

(वस्त्रम्)

लाल वस्त्र अर्पित करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। वस्त्रं समर्पयामि।

Materials: red cloth
10

Yajnopavita (Sacred Thread)

(यज्ञोपवीतम्) Optional

यज्ञोपवीत (जनेऊ) अर्पित करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। यज्ञोपवीतं समर्पयामि।

Materials: sacred thread
11

Gandha (Sandalwood Paste)

(गन्धम्)

चन्दन या सिन्दूर का लेप लगाएं।

ॐ श्री हनुमते नमः। गन्धं समर्पयामि।

Materials: sandalwood pastesindoor
12

Akshata (Unbroken Rice)

(अक्षताः)

अक्षत (साबूत चावल) अर्पित करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। अक्षतान् समर्पयामि।

Materials: unbroken rice grains
13

Pushpa (Flowers)

(पुष्पम्)

लाल पुष्प, विशेषतः गुड़हल और चमेली के फूल अर्पित करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। पुष्पं समर्पयामि।

Materials: red flowershibiscusjasmine
14

Dhupa (Incense)

(धूपम्)

अगरबत्ती या धूप जलाकर देवता के सम्मुख करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। धूपं आघ्रापयामि।

Materials: incense sticks
15

Deepa (Lamp)

(दीपम्)

घी या चमेली के तेल का दीपक जलाकर देवता के सम्मुख करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। दीपं दर्शयामि।

Materials: lampghee or jasmine oil
16

Naivedya (Food Offering)

(नैवेद्यम्)

लड्डू, केला और अन्य मिठाई का नैवेद्य अर्पित करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। नैवेद्यं समर्पयामि।

Materials: laddoobananasweetswater
17

Tambula (Betel Leaf)

(ताम्बूलम्) Optional

पान और सुपारी अर्पित करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। ताम्बूलं समर्पयामि।

Materials: betel leavesbetel nut
18

Dakshina (Offering)

(दक्षिणा) Optional

दक्षिणा स्वरूप सिक्का या अर्पण रखें।

19

108 Names Chanting

(नामार्चना)

हनुमान जी के 108 नामों का जप करें, प्रत्येक नाम के साथ एक पुष्प या अक्षत अर्पित करें।

ॐ हनुमते नमः, ॐ अञ्जनासूनवे नमः...

Materials: 108 flowers or akshata grains
This is the main archana. Keep count using a mala or by counting flowers.
20

Concluding Prayer

(प्रार्थना)

अंत में प्रार्थना करें और देवता का आशीर्वाद माँगें।

21

Aarti

(आरती)

दीपक से आरती करें।

Materials: aarti lamp
22

Pradakshina and Namaskara

(प्रदक्षिणा / नमस्कार)

देवता की परिक्रमा करें और साष्टांग नमस्कार करें।

23

Kshama Prarthana (Apology)

(क्षमा प्रार्थना)

पूजा में हुई किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वर। यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे॥

Mantraheenam kriyaheenam bhaktiheenam Sureshwara, yat pujitam maya deva paripurnam tadastu me.

24

Visarjana (Send-off)

(विसर्जनम्) Optional

देवता से विदाई की प्रार्थना करें, साथ ही हृदय में सदा विराजमान रहने की प्रार्थना करें।

ॐ श्री हनुमते नमः। यथास्थानं प्रतिष्ठापयामि।

If worshipping a permanent murti at home, visarjana is typically not performed.

स्रोत: पाराशर संहिता एवं अन्य वैष्णव ग्रन्थों से संकलित। विभिन्न स्रोतों में नामों के क्रम में अन्तर हो सकता है।

यह पाठ मुख्यतः वैष्णव परम्परा पर आधारित है।

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